ठंड फसलों के लिए भी नुकसान दायक हो रही है। कृषि विभाग ने किसानों को इसके लिए सजग करना शुरू कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार भारती ने बताया कि किसानों के आलू व सरसों की फसल पर पाले का असर होने की पूरी संभावना है। फसल को बचाने के लिए किसान दवाओं का छिड़काव कर अपनी फसल को बचा सकते हैं। जिसमें तिलहनी फसल के लिए उन्होने इमिडाक्लोरफिड 17.8 प्रतिशत का एक लीटर अथवा क्यूनालफास 26 डब्लूपी दवा का दो लीटर 500-600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने के लिए कहा है। इसके साथ गेहूं आदि में चौडे़ पत्ते व खरपतवार में सल्फ्यूसल्फ्यूरान को 500-600 लीटर पानी में घोल बनाकर एक एकड़ खेत में छिड़काव करना चाहिए। सभी दवाएं सरकारी कृषि रक्षा की दुकानों पर उपलब्ध हैं।