पीडीडीयू नगर/चकिया। पश्चिमी विक्षोभ के चलते ठंड और गलन का असर बढ़ गया है। इससे जनजीवन प्रभावित हुआ। दो दिन से आसमान में बादल छाए रहे और रविवार को दोपहर में हल्की से बूंदाबांदी तो कहीं बारिश हुई। इससे ठंड और गलन काफी बढ़ गई। मौसम विज्ञानी के अनुसार अभी दो दिन इसी तरह मौसम रहेगा और बारिश भी हो सकती है। इसके बाद गलन बढ़ेगी। वहीं दूसरी ओर बारिश से किसानों में खुशी है। इससे गेहूं की फसल के साथ ही दलहनी और तिलहनी फसलों को भी फायदा होगा। हिमालयी क्षेत्र के पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी तथा पछुआ हवाओं के कारण रविवार को दोपहर में अचानक मौसम बदल गया। अधिकतम तापमान 22 डिग्री ओर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री तक पहुंच गया जबकि आर्द्रता 59 प्रतिशत रही। रविवार को सुबह से ही धूप नहीं खिली। कोहरे और बादल के चलती बढ़ी ठंड में लोग घरों में ही दुबके रहे। शाम पांच बजे के बाद तो सड़कें सूनी हो गई। ठंड और गलन बढ़ने से सबसे अधिक परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। वहीं रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। लोग जगह-जगह अलाव तापते रहे। वहीं किसानों का मानना है कि बरसात और तेज हो गई तो गेहूं, दलहनी, तिलहनी एवं सब्जियों की फसल को फायदा पहुंचेगा। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. एसएन पांडेय जम्मू मेें आए पश्चिमी विक्षोभ का असर चंदौली सहित पूर्वांचल के जिलों पर है। जमीन की सतह से एक किमी की ऊंचाई तक पुरवा हवाएं चल रही हैं। इसके ऊपर डेढ़ किमी की रफ्तार से उत्तरी और पछुआ हवाएं गतिमान है। इसके चलते मौसम में बदलाव है। सोमवार को आसमान में बादल छाए रहेंगे। मंगलवार से बादल छंटने के बाद गलन बढ़ेगी। इससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान भी गिरेगा। वहीं जिला कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. समीर पांडेय ने कहा कि बारिश से रबी, दलहनी और तिलहनी की फसलों को फायदा पहुंचा है।