इलिया। माल्दह गांव में हुए हृदय विदारक घटना के बाद प्रशासन ने बिहार जाने वाली सड़क पर बैरियर लगाकर कर भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाने की कवायद शुरू की थी, जो बेअसर साबित हो रही है। हादसे के चंद दिनों बाद ही भारी वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। एक बार फिर पशु तस्करों वाहनों को रोकना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। गांव में एक जनवरी को तस्करी के लिए पशुओं से भरा एक डीसीएम अनियंत्रित होकर एक कच्चे घर में घुस गया था। इससे घर में सो रहे एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद जिले के प्रशासनिक अमले में भूचाल आ गया था। जिला प्रशासन ने गांव के आखरी छोर पर बिहार प्रांत के बॉर्डर के समीप सड़क के दोनों तरफ लोहे का गर्डर लगाकर बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी। बावजूद इसके बड़े वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध नहीं लग पाया है। एक बार फिर रास्ते से होकर भारी वाहनों का आना-जाना शुरू हो गया है। बॉर्डर पर 8.2 फीट की दूरी में दोनों तरफ लगाए गए गर्डरों को चाड़ कर बड़े वाहन फिर आने-जाने लगे हैं। कुछ वाहन चालक बैरियर को भी तोड़ने के प्रयास में भी जुटे हुए हैं लेकिन अभी तक सफल नहीं हुए। पुलिस और प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाया तो फिर से दर्दनाक हादसा कभी भी हो सकता है।