इलिया। धान क्रय केंद्र शहाबगंज पर धान बेचने के बाद एक किसान चेक जमा करते समय गलत खाता नंबर भर दिया था। जिसके चलते दूसरे किसान के खाते में पैसा चला गया। जिस किसान के खाते में पैसा गया उसने अगले ही दिन पैसा निकाल लिया। इधर जब किसान के खाते में पैसा नहीं पहुंचा तब परेशान हो गया। उसने इसकी शिकायत विपणन निरीक्षक से की। जांच में जिस किसान के खाते में गलती से पैसा चला गया था, विपणन अधिकारी ने तत्काल पैसा वापस करने के लिए नोटिस जारी किया है। चेताया है कि जल्द पैसा वापस नहीं किया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मनकपड़ा गांव निवासी किसान मधुकांत पांडेय ने जनवरी माह में धान क्रय केंद्र शहाबगंज को 68 कुंतल धान बेचा था। जिसकी कीमत 1.20 लाख, 360 रुपये थी। विपणन अधिकारी ने 11 जनवरी 2019 को यूनियन बैंक आफ इंडिया शहाबगंज की शाखा का चेक किसान को दिया गया था। मधुकांत पांडेय ने शहाबगंज के यूबीआई शाखा से सैदूपुर के बैंक ऑफ बड़ौदा की खाता में उक्त धनराशि हस्तांतरित किया गया था। नेट के माध्यम से उक्त धनराशि को भेजने में खाता संख्या 7960 की जगह भूलवश 7969 भर दिया। जिससे पूरा धनराशि अरजी कृष्णार्पन गांव निवासी रामनिवास यादव के खाते में चली गई। मोबाइल पर मैसेज आते ही रामनिवास ने अगले दिन पूरा पैसा निकाल लिया। इधर एक सप्ताह बाद मधुकांत जब बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा पहुंचे तो कोई भी पैसा उनके खाते में अंकित नहीं हो रहा था। जिसकी शिकायत उन्होंने यूनियन बैंक शहाबगंज की शाखा से की। जांचोपरांत पाया गया कि नेफ्ट फॉर्म भरने में किसान मधुकांत ने गलत खाता संख्या भर दिया था। जिसके कारण पूरा पैसा दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गया। जिस पर उन्होंने रामनिवास यादव से संपर्क किया। पहले तो वह बात को अनसुना कर दिया। मधुकांत ने साक्ष्य भी दिया तो पैसा देने में हीला हवाली करने लगा। दो माह बीत जाने के बाद भी वह किसान को आज तक पैसा वापस नहीं किया तो पीड़ित किसान ने इसकी शिकायत विपणन निरीक्षक भूपेंद्र प्रताप सिंह से कर दी। निरीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए किसान की शिकायत पर रामनिवास यादव को नोटिस जारी कर धान बिक्री की धनराशि को हस्तांतरित किए जाने का निर्देश दिया। चेताया कि यदि पैसा वापस नहीं किया तो आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।