चंदौली। सदर तहसील सभागार में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें 11, 378 मामलों का निपटारा किया गया। इसमें 2492 लघु आपराधिक मुकदमे भी शामिल रहे। सभी मामलों का निस्तारण कर नौ लाख 33 हजार 800 रुपये जुर्माना वसूला गया। बैकों के 707 ऋण खातों का निस्तारणकिर नौ करोड़ 12 लाख 79 हजार 406 का समझौता किया गया, जिसमें से तीन करोड़ चार लाख 53 हजार 203 रुपये की नकद वसूली हुई।
सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विकास वर्मा ने बताया कि सबसे ज्यादा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपक कुमार मिश्र की अदालत ने 1755 वादों का निस्तारण कर तीन लाख 84 हजार 840 रुपये जुर्माना लगाया। वहीं, 1663 वादों का निस्तारण कर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे विकास कुमार वर्मा ने तीन लाख 87 हजार 350 रुपये का जुर्माना वसूल करवाया। न्यायिक मजिस्ट्रेट माधुरी यादव की अदालत में 1318 वादों का निस्तारण कर 40 हजार 300 रुपये का जुर्माना लगाया गया। न्यायाधीश संदीप कुमार की अदालत में 16 सिविल वादों का निस्तारण कर 28 लाख 12 हजार 382 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण जारी किया गया इसके अलावा 85 वादों का निस्तारण कर 2,450 जुर्माना लगाया गया। न्यायाधीश नूतन की अदालत ने 948 वादों का निस्तारण कर 19 हजार 600 रुपये का जुर्माना लगाया।
कुंवर जितेंद्र प्रताप सिंह की अदालत ने 946 वादों का निस्तारण कर 45 हजार 240 रुपये का जुर्माना वसूल कराया गया। बैकों की ओर से 707 ऋण खातों का निस्तारण कर नौ करोड़ 12 लाख 79 हजार 406 का समझौता किया गया इसमें से तीन करोड़ चार लाख 53 हजार 203 रुपये नकद वसूला गया। न्यायाधीश रोहित पुरी की अदालत ने 903 मामलों का निस्तारण कर 58 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। न्यायाधीश श्याम बाबू तीन वादों का
निस्तारण कर 500 रुपये जुर्माना लगाया। सत्र न्यायाधीश विनय कुमार सिंह ने दो मामलों का निस्तारण कर 40 हजार रुपये का समझौता राशि दिलाई। मोटर दुर्घटना दावा मामलों में पीठासीन अधिकारी अशोक कुमार सिंह यादव ने 19 वादों का निस्तारण कर 99 लाख 85 हजार रुपये का प्रतिकर दिलाया। न्यायाधीश राकेश धर दूबे ने 38 वादों का निस्तारण कर सात जोड़ों को साथ रहने और 13 लाख 92 हजार रुपये समझौता राशि दिलाई।
जिला न्यायाधीश ने दो वादों का निस्तारण कर चार लाख 61 हजार 14 रुपये की समझौता राशि दिलाई। न्यायाधीश इंदु रानी 14 सिविल वादों का निस्तारण किया और दो मामलों में दो लाख 52 हजार 16 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण जारी किया। न्यायाधीश अनुराग शर्मा की अदालत ने एक मामले का निस्तारण कर 100 रुपये का जुर्माना लगाया।