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बेसहारा पशुओं पर रोक लगाने से अनजान है विभाग

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चंदौली। छुट्टा पशुओं को आश्रय स्थलों में रखने के फरमान के बाद भी अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। विभागीय अधिकारी शासन से मिले 50 लाख रुपये के बजट को खपाने के लिए खानापूर्ति में जुटे हैं। शनिवार को डीएम कार्यालय के सामने खेत में अवारा पशुओं का झुंड फसल बरबाद कर रहा था और किसान परेशान थे। अवारा पशुओं की बढ़ती तादात किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। किसानों की फसल बेसहारा पशुओं का निवाला बन रही है। दर्जनों की संख्या में पशु खेतों में व सड़कों पर घूमते नजर आ रहे हैं। बेसहारा पशुओं के चारे को सरकार ने एक करोड़ रुपये की मंजूरी देने के साथ ही 50 लाख रुपये संबंधित विभाग को अवमुक्त भी कर दिया है। नगर निकायों और ग्राम पंचायत स्तर पर डीएम ने पशु आश्रय स्थल भी बनाने के निर्देश दिए है। नगर निकायों की ओर से आनन फानन में अस्थाई आश्रय बना दिए और कुछ छुट्टा घुमंतु पशुओं को पकड़कर कोरम पूर्ति कर ली लेकिन हकीकत कुछ और ही है। रविवार की दोपहर छुट्टा पशु डीएम कार्यालय के सामने एक गेंहू के खेत में चरते दिखे लेकिन जिम्मेदार इससे बेखबर रहे।
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