शिकारगंज। लेफ्ट पथरहवा माइनर से निकली पड़री माइनर की सिल्ट सफाई वर्षों से न होने के कारण आधा दर्जन गांवों के खेतों तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। माइनर की वर्षों से साफ सफाई न होने से पूरी माइनर झाड़ झंखाड़ से भी पट गई है। इससे किसानों में नाराजगी है। किसानों ने माइनर की अविलंब सिल्ट सफाई कराने की मांग जिला प्रशासन से की है। पड़री माइनर से अमरा, उत्तरी, मुगलपुरवा, विजडा़र, भटौली, गोल्हियां और करमचक गांव के 100 एकड़ खेतों की सिंचाई होती है।
किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। हालत यह है कि झाड़ झंखाड़ के कारण माइनर कई जगह टूट जा रही है। इससे खेतों की गेहूं की फसल जल मग्न हो रही है। उत्पादन पर विपरित प्रभाव पड़ने की आशंका खड़ी हो गई है। इस स्थिति से किसानों में भारी आक्रोश है। वहीं किसानों का कहना है कि सिल्ट सफाई के लिए शासन द्वारा किए गए कार्रवाई पर भी प्रश्न चिन्ह दिखाई दे रहा है। भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र पाल ने कहा कि सिल्ट सफाई के नाम पर विभागीय अधिकारी सरकारी धन की बंदर बाट में जुटे हुए हैं। कागजी खानापूरी कर रहे हैं। इससे किसानों की समस्या बढ़ती जा रही है। किसान राधेश्याम, प्यारेलाल, अनीस अहमद, सियाराम चौहान, महेंद्र मौर्य, कुबेर यादव, कल्लू गुप्ता, नसईल चौहान ने जिला प्रशासन से पडरी माइनर की सिल्ट सफाई तत्काल कराने की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग नहीं मांगी गई तो वह चकिया सिंचाई विभाग के कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।