25 अप्रैल को शिकारपुर नगर क्षेत्र निवासी कशिश को सूचना मिली थी कि उसके प्रेमी आशीष की सगाई कहीं और तय हो गई है। इसी बात का विरोध करने और शादी का दबाव बनाने के लिए वह प्रेमी के घर सलवानपुर पहुंची थी। आरोप है कि वहां प्रेमी और उसके परिजनों के साथ उसकी तीखी नोकझोंक हुई। आवेश में आकर प्रेमी के परिजनों ने कशिश पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए।
सूचना पर पहुंची 112 नंबर पीआरवी और अहमदगढ़ पुलिस ने गंभीर हालत में झुलसी युवती को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिकारपुर में भर्ती कराया। जहां से चिकित्सकों ने युवती की नाजुक हालत को देखते हुए उसे तत्काल हायर सेंटर रेफर कर दिया था, जिसके बाद उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। आठ दिनों तक कशिश अस्पताल के बेड पर जिंदगी के लिए जंग लड़ती रही, लेकिन शुक्रवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में मृतका के परिजनों ने तहरीर देकर बताया था कि करीब एक वर्ष पूर्व आशीष के साथ उसकी शादी तय हुई थी, दोनों की फोन पर भी बातचीत होती थीं।
पुलिस ने आशीष समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी आशीष, जिस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित था, उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, अब शनिवार को आरोपी की नामजद बहन झिलमिल को भी हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि, आठ दिन बीत जाने के बाद भी शेष आरोपियों की गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस अन्य आरोपियों को पकड़ने में ढिलाई बरत रही है। वहीं, एसपी देहात अंतरिक्ष जैन का कहना है कि अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।