फिल्म जगत में अपने गीतों के लिए पहचाने जाने वाले संतोष आनंद ने फिर जिले का नाम बढ़ाया है। उन्हें प्रदेश सरकार ने यश भारती पुरस्कार देने की घोषणा की है। इस खबर से सिकंदराबाद सहित पूरे जिले में खुशी का माहौल है। संतोष आनंद मूल रूप से बुलंदशहर के सिकंदराबाद के रहने वाले हैं।
उनका जन्म सिकंदराबाद में 1940 में हुआ था। बचपन से ही गीत लिखने के शौक ने उन्हें फिल्मी दुनिया तक पहुंचा दिया। जहां उन्होंने 1970 में चर्चित फिल्म ‘पूरब और पश्चिम’ से अपने करियर की शुरूआत की और कई प्रसिद्ध फिल्मों के गीत लिखे। विश्व पटल पर सिकंदराबाद के साथ जिले का नाम रोशन किया।
उन्होंने क्रांति, शोर, रोटी, कपड़ा और मकान, प्रेमरोग जैसी फिल्मों के लिए गाने लिखे। उनके सबसे अधिक चर्चित गानों में ‘ये गलिया ये चौबारा, मोहब्बत है क्या चीज, एक प्यार का नगमा है और जिंदगी की ना टूटे लड़ी’ आदि शामिल हैं।
विगत वर्ष उनके पुत्र और पुत्रवधू ने खुदकुशी कर ली थी, जिसे वह कभी नहीं भूल पाएंगे। मगर बताया जा रहा है कि वह अभी भी कलम हाथ में लेकर गाने लिखने की चाह रखते हैं। अब उन्हें प्रदेश सरकार ने यश भारती पुरस्कार के लिए नामित किया है।
खबर सुनते ही जिले के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। चाहने वालों का कहना है कि वह इस पुरस्कार के हकदार हैं और प्रदेश सरकार ने उन्हें नामित कर उनका सम्मान किया है।