बुलंदशहर। देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव पौंडरी में अपनी बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान के बाहर खड़े दो भाइयों पर जुलाई 2014 में गांव जुलेपुरा निवासी आरोपियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। जिसमें छोटे भाई की मौत हो गई थी, जबकि बड़ा गंभीर रूप से घायल हो गया था। मामले में अब जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार सिंह के न्यायालय ने सातों नामजद आरोपियों को दोषी करार दिया है। अंतिम आदेश सुनाने के लिए 12 जुलाई की तारीख मुकर्रर की गई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुरेंद्र पाल सिंह चौहान और एडीजीसी फौजदारी मनुराज बहादुर सिंह व अरुण कुमार सिंह ने बताया कि वादी मुकदमा फिरोज निवासी गांव पौंडरी थाना कोतवाली देहात ने 25 जुलाई 2014 को कोतवाली देहात में तहरीर दी। जिसमें उसने बताया था कि दोपहर को वह अपने पिता नूर मोहम्मद व चाचा मोहम्मद याकूब के साथ जुमे की नमाज अदा करने के लिए गया था। जहां से लौटकर वह तीनों गांव के ही निकट स्थित अपनी बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान के बाहर खड़े होकर बात कर रहे थे। उसी दौरान देहात कोतवाली के गांव जुलेपुरा निवासी दबंग प्रवृत्ति के आरोपी बाबू, यासीन, इरफान, शान, शकील, जफरुद्दीन और रिजवान अपने हाथों में लाइसेंसी हथियार व अवैध असलहे लेकर वहां पहुंच गए। साथ ही आरोपियों ने वादी के पिता नूर मोहम्मद व चाचा मोहम्मद याकूब को चारों तरफ से घेर कर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद आरोपी वहां से भाग निकले। जिसके बाद पीड़ित पिता व चाचा को लेकर अस्पताल पहुंचा। जहां चिकित्सकों ने चाचा मोहम्मद याकूब को मृत घोषित कर दिया। जबकि, पिता नूर मोहम्मद को प्राथमिक उपचार के बाद हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया था। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर सातों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। जिस पर न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों व साक्ष्यों का अवलोकन कर सातों को दोषी करार दिया है।