आबादी की रफ्तार से नहीं बढ़ रहे संसाधन
बुलंदशहर। बढ़ती आबादी से जिला भी अछूता नहीं है। करीब 40 लाख की आबादी वाले जिले में संसाधनों की बेहद कमी है। 2011 की जनगणना के मुताबिक 34,99171 और चुनाव कार्यालय के अनुसार जनपद की प्रस्तावित जनसंख्या 40,08,306 है। सुरक्षा, स्वास्थ्य, विकास, बिजली समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं आबादी के आगे बौने साबित हो रहे हैं। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से जनपद भर में औसतन प्रत्येक पुलिसकर्मी करीब 1700 लोगों के ऊपर तैनात है।
पुलिस : 40 लाख पर 2552 पुलिसकर्मी की व्यवस्था
करीब 40 लाख की आबादी पर पुलिसकर्मियों की संख्या न के बराबर है। जनपद में अनुमानित 40 फीसदी फोर्स की कमी है। आंकड़ों के अनुसार जनपद में महिला थाना समेत कुल 27 थाने हैं, साथ ही सात रिपोर्टिंग चौकी है। जिले की आबादी वर्तमान में 35 लाख से अधिक है। जनपद में पुलिसकर्मियों की संख्या 2352 है। इनमें 50 इंस्पेक्टर, 278 दारोगा, 415 हेड कांस्टेबल और 1598 सिपाही है। साथ ही एसएसपी समेत 10 राजपत्रित अधिकारी अलग हैं।
कमी के बावजूद सुरक्षा में कोताही नहीं
आबादी के सापेक्ष संसाधनों की बेहद कमी है। लेकिन, पुलिस फोर्स की कमी के बावजूद पुलिस जनपद में अपना काम बखूबी निभा रही है। अपराध पर काबू पाने के लिए हरसंभव अभियान चलाकर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा रहा है। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी बुलंदशहर
लगातार बढ़ रही आबादी और पुलिस फोर्स की कमी चिंता का विषय है। लेकिन, पुलिस हर परिस्थितियों का सामना करते हुए अपना काम पूरा करती है। पुलिस फोर्स की कमी होना आला अफसरों के लिए जिले को संभालने में चुनौती साबित होता है। भविष्य में उम्मीद है कि पुलिस फोर्स की कमी को पूरा किया जा सकेगा।
- सतेंद्र वीर सिंह, रिटायर्ड आईजी निवासी गांव खालौर
बिजली : मांग 750 मेगावाट, मिल रही 680 मेगावाट
ट्रांसमिशन विभाग के एक्सईएन शेर सिंह के मुताबिक जिले में करीब 750 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है। जबकि, इसके सापेक्ष करीब 680 मेगावाट बिजली ही मिल पा रही है। डिमांड अधिक और सप्लाई कम होने के कारण लोगों को अधिक परेशानी हो रही है। जबकि, जिले में बने 167 बिजली उपकेंद्रों पर भी क्षमता से अधिक लोड चल रहा है।
जिले में संचालित हैं 90 महाविद्यालय
जिले में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए होने वाली प्रवेश प्रक्रिया में हर साल मारामारी रहती है। इसका कारण जनसंख्या के मुताबिक जनपद में महाविद्यालय नहीं हैं। 40 लाख से अधिक की आबादी पर मात्र 90 महाविद्यालय हैं। हालांकि, इनमें एक लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। लेकिन इनमें प्रत्येक वर्ष 12 हजार प्रवेश होते हैं, जबकि 12 वीं पास करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या 40 हजार से अधिक होती है। सीट कम होने से अधिकतर छात्र-छात्राओं को बाहर पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है।
एक सीट पर तीन से चार छात्रों की दावेदारी
जिले में उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालयों की कमी है। 12वीं में पास होने के सापेक्ष महाविद्यालयों में सीट भी बहुत कम हैं। एक सीट पर तीन से चार छात्रों की दावेदारी रहती है। जिले से करीब 20 फीसदी विद्यार्थी जिले के बाहर चले जाते हैं, जबकि हजारों छात्र प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। जिले में यूनिवर्सिटी की मांग भी उठ रही है। - डॉ. टीएन मिश्रा, प्राचार्य, आईपी कॉलेज बुलंदशहर
सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में आबादी के अनुसार सीट नहीं हैं। इस कारण 12वीं पास के बाद अधिकतर छात्रों को उच्च शिक्षा से वंचित रहना पड़ता है। यदि जिले में यूनिवर्सिटी बनती है तो सभी को प्रवेश मिलेगा।
अमरपाल लोधी, अध्यक्ष, छात्र कल्याण समिति।
12वीं तक की शिक्षा कराने के लिए कोई परेशानी नहीं आती है। लेकिन, इसके बाद उच्च शिक्षा दिलाने में कई तरह की परेशानी सामने आती है। - महेंद्र सिंह, अभिभावक
संचालित हो रहीं 242 बसें
परिवहन अफसरों के अनुसार जिले के अधिकांश मार्गों पर उप्र परिवहन निगम के साथ निजी बसें संचालित हो रही है। बुलंदशहर डिपो से 105 बसें संचालित हो रही हैं। सिकंदराबाद डिपो में 64, खुर्जा डिपो से 73 निगम की बसों का संचालन हो रहा है। जनपद से कुल 242 निगम की बसें संचालित की जा रही हैं।
स्ट्रेचर पर चिकित्सा विभाग : अस्पताल मौजूद, लेकिन कुर्सियां खाली
जनपद में जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, संयुक्त चिकित्सालय सिकंदराबाद, जटिया चिकित्सालय खुर्जा, 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 58 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और पांच अरबन पीएचसी केंद्र संचालित है। लोगों को प्राथमिक उपचार के साथ डिलीवरी की सुविधा है। साथ ही 344 उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित है। इनमें स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने के लिए 180 केंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तब्दील किया जा रहा है। इसके से 103 केंद्र हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाए जा चुके है। लेकिन, पदों के अनुसार डॉक्टर-कर्मियों के कई पद रिक्त चल रहे हैं। जिला अस्पताल में 143 के सापेक्ष 91 कर्मी और अफसर तैनात है। जबकि 52 पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं, सीएचसी/पीएचसी पर 330 के सापेक्ष 296 कर्मी और चिकित्सक तैनात हैं। साथ ही 167 एएनएम कार्यरत हैं। इसके अलावा संविदा पर 1,015 के सापेक्ष 807 कर्मी कार्यरत हैं।
सीमित संसाधनों में बेहतर उपचार देने की कोशिश
जिले में चिकित्सक और अन्य कर्मियों के काफी समय से कमी चल रही है। इस संबंध में पत्र के माध्यम से शासन को अवगत कराया जा चुका हैं। साथ ही उपलब्ध संसाधन के द्वारा लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ
बढ़ती जनसंख्या सभी की परेशानी का आधार
देश में बढ़ती जनसंख्या से आज बेरोजगारी चरम पर है। बढ़ती जनसंख्या और घटते संसाधन देश को गृहयुद्ध की ओर धकेल रहे हैं। हम दो, हमारे दो केवल स्लोगन बनकर रह गया है। तत्काल अधिकतम दो बच्चों का कानून बनाए जाने और उसका सख्ती से पालन कराए जाने की आवश्यकता है। बढ़ती जनसंख्या से देश में क्राइम का ग्राफ भी लगातार बढ़ा है।
- किशन तायल, उपाध्यक्ष, जनसंख्या समाधान फाउंडेशन
एक नजर में जनपद
तहसील 7
पुलिस स्टेशन 27
राजस्व ग्राम 1170
ब्लॉक 16
ग्राम पंचायत 946
नगर पालिका/नगर पंचायत 17
लोकसभा क्षेत्र 02
विधान सभा क्षेत्र 07
क्षेत्रफल 4353 किमी
लिंगानुपात
पुरुष-52.73 फीसदी
महिला-47.2 फीसदी
साक्षरता का प्रतिशत
पुरुष-80.93 फीसदी
महिला-55.57 फीसदी
विकास का प्रतिशत
ग्रामीण-13.03 फीसदी
शहरी-28.30 फीसदी
बीपीएल परिवार
ग्रामीण-46.07 फीसदी
शहरी-10.74 फीसदी