बुलंदशहर। जिले में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को अब जैविक खेती से जोड़ा जाएगा। इसके लिए समूह से जुड़ी महिलाओं से संपर्क किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन के उपायुक्त स्वत: रोजगार सूबेदार सिंह ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत, नीमास्त्र और गोबर-गोमूत्र आधारित जैविक खाद बनाने की तकनीक सिखाई जाएगी। इसके लिए इच्छुक समूहों को चिह्नित किया जा रहा है। पहले चरण में डेमो प्लॉट तैयार कर सब्जी, दलहन और मोटे अनाज की खेती कराई जाएगी। जैविक खेती से कम लागत में बेहतर उपज होगी।
इससे महिलाओं की आमदनी बढ़ेगी और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी। साथ ही जमीन की सेहत भी सुधरेगी। बताया कि समूह की महिलाओं को प्रमाणित बीज और जैविक खाद उपलब्ध कराने में मदद दी जाएगी। प्रशिक्षण शिविरों के जरिए उन्हें बाजार से जोड़ने की भी योजना है, ताकि वे अपना जैविक उत्पाद सीधे बेच सकें।