शिकारपुर। कोतवाली क्षेत्र के गांव दरगाहपुर बांसोंटी निवासी 67 वर्षीय जगवीर सिंह ने गत 27 दिसंबर को घर के आंगन में फंदे से लटक कर खुदकुशी कर ली। वहीं, मामले में बुधवार को मृतक के पुत्र ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि बैंक के दबाव में आकर उनके पिता ने अपनी जीवन लीला समाप्त की है। बैंक अधिकारियों ने बीते दिनों उन्हें 30 दिसंबर तक लोन की राशि दो लाख रुपये जमा न करने पर पुलिस के हवाले करने की धमकी दी थी।
गांव दरगाहपुर बांसोटी निवासी सचिन कुमार ने एसडीएम शिकारपुर और थाना पुलिस को बुधवार को शिकायती पत्र दिया। इसमें उन्होंने बताया कि वह ट्रक चलाकर अपना जीवन यापन करते हैं। गत 27 दिसंबर को उनके पिता जगवीर सिंह ने फंदे से लटक कर खुदकुशी कर ली थी। उस दौरान सचिन असम की तरफ ट्रक लेकर गए हुए थे। अब वह वहां से लौटे तो परिजनों ने बताया कि जगवीर सिंह ने करीब पांच वर्ष पूर्व पंजाब नेशनल बैंक शाखा शिकारपुर से कृषि क्रेडिट कार्ड पर करीब एक लाख दस हजार रुपये का लोन लिया था। जिसे वह चुका नहीं पा रहे थे। लोन की रकम ब्याज के साथ मिलाकर अब करीब दो लाख रुपये हो गई थी। जिसको जमा करने के लिए बैंक अधिकारी और कर्मचारी उन पर लगातार दबाव बना रहे थे। आरोप है कि बीते दिनों बैंक अधिकारियों ने जगवीर सिंह को धमकी दी थी कि यदि वह 30 दिसंबर तक लोन की धनराशि जमा नहीं करते हैं तो वह उन्हें पुलिस को सौंप देंगे। आरोप है कि तभी से जगवीर सिंह काफी परेशान हो गए थे। इसी के चलते गत 27 दिसंबर की रात उन्होंने खुदकुशी कर ली। परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया था। पीड़ित पुत्र ने मामले में अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। बैंक प्रबंधक हिमांशु श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।
कोट
- बैंक से लिया गया लोन तो चुकाना ही होगा और बैंक तकादा भी करेगा। ऐसी स्थिति में हम बैंक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं करा सकते हैं।
- दीपक कुमार पाल, एसडीएम
- इस संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है। जांच कराई जाएगी। बैंक लोन संबंधित मामलों में कभी भी दबाव नहीं बनाता है, ऋण लेने वाले से ऋण जमा करने के लिए विनती की जाती है, या नोटिस जारी किए जाते हैं।
- अभिषेक गुप्ता, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक