अनूपशहर/अहार/नरौरा। गंगा नदी में बढ़ा जलस्तर चार दिन बाद उतार-चढ़ाव के बीच मीडियम श्रेणी में बना हुआ है। सिंचाई विभाग के अभियंता एवं जिला प्रशासन के अधिकारी जलस्तर पर पल-पल की नजर बनाए हुए हैं। बढ़ते जलस्तर के कारण अधिकारी एहतियात बरत रहे हैं।
नरौरा गंगा बैराज के नरौरा बैराज के वरिष्ठ जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि मंगलवार को बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 162668 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। जबकि बुधवार को गंगा बैराज पर गंगा नदी के जलस्तर में कुछ गिरावट से नदी की डाउन स्ट्रीम में 122848 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। इससे मीडियम फ्लड में चल रही। इसके अलावा बैराज से निकली एलजीसी नहर में 4996 एवं पीएलजीसी नहर में 4002 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सिंचाई विभाग का बाढ़ नियंत्रण कक्ष हरिद्वार व बिजनौर बैराज से नदी में छोड़ी जा रहे पानी पर निरंतर नजर बनाए हुए है। बैराज से छोड़ी जाने वाली जल की जानकारी बैराज से निरंतर बाढ़ नियंत्रण कक्ष लखनऊ एवं गंगा नदी से सटे बुलंदशहर, अलीगढ़, संभल, कासगंज, एटा, बदायूं आदि जनपदों के जिला प्रशासन को निरंतर दी जा रही है। दूसरी ओर अनूपशहर और अहार में भी बढ़े जलस्तर में काफी कमी आई है। यहां के घाटों और आरती स्थल से पानी उतर गया है। लेकिन अभी भी बारिश के चलते फिर जलस्तर बढ़ने की संभावना है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि अभी खादर और आसपास के खेतों में पानी भरा हुआ है। यदि फिर से गंगा का जलस्तर बढ़ता है तो फिर परेशानी बढ़ने के साथ फसलों को नुकसान होगा।