काली नदी में जलस्तर बढ़ने से खेतों में भरा पानी। संवाद
बुलंदशहर। जिले में पांच दिन से हो रही झमाझम बारिश से काली नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी किनारे के खेतों में चार फीट तक पानी भरने से हजारों बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं। 50 से अधिक गांवों के खेतों की फसल बर्बादी की कगार पर है। परेशान किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पांच दिन में करीब 200 एमएम बारिश हुई है। नगर क्षेत्र से होकर गुजर रही काली नदी भी उफान पर है। गांव अच्छेजा निवासी निशांत ने बताया कि कई दिनों से फसल में गंदा पानी भरा हुआ है। पशुओं के लिए चारे का संकट हो रहा है। गांव निवासी सचिन ने बताया कि बार-बार जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की गई लेकिन अधिकारियों ने नदी की सफाई के लिए उचित कदम नहीं उठाए।
गांव क्रियावली निवासी गौरव ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव के संपर्क मार्ग पर भी पानी भरा हुआ है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। सुनील चौधरी, अत्री, राजू ने बताया कि किसानों की ओर से अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को लगातार प्रदर्शन करते हुए शिकायतें दी गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
जलस्तर कम होने पर कराया जाएगा सर्वे : एडीएम
एडीएम वित्त अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि गंगा और काली नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण कुछ खेतों में पानी भरा हुआ है। जलभराव के कारण फिलहाल सर्वे कराया जाना संभव नहीं है। जलस्तर कम होने के बाद ही सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद किसानों को मुआवजा देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।