1250 तालाबों में से सिर्फ 74 की हुई सफाई
बुलंदशहर। मानसून दस्तक देने ही वाला है लेकिन जिले में भूगर्भ जलस्तर लगातार गिरते जाने के बावजूद बारिश का पानी सहेजने के इंतजाम नहीं हैं। कुल 1250 तालाबों में से 74 की ही सफाई के दावे अफसर कर रहे हैं। नौ तालाबों की सफाई चल रही है। खेत तालाब योजना के तहत किसानों के खेतों में ही जल संचयन के लिए अनुदान देक 16 तालब बनवाने थे, लेकिन एक भी नहीं बन सका है।
जिले में 1250 तालाब हैं। अगर इन सभी तालाबों की सफाई हो जाती तो बारिश का पानी इनमें सहेज लिया जाता जिससे भूगर्भ जल स्तर बढ़ता। प्रदेश सरकार इसे लेकर गंभीर है, लेकिन जमीन पर संबंधित विभागों का काम बेहद सुस्त है। अधिकतर तालाबों की सफाई नहीं हो सकी है तो उनमें जलकुंभी के साथ कचरा आदि भरा हुआ है। कुछ तालाबों पर अवैध कब्जे भी हैं। शासन से आए आदेशों के बाद अब संबंधित विभागों की नींद टूटी और मनरेगा के तहत 83 तालाबों की सफाई का काम शुरू हुआ।
दावा: सफाई में लगे हैं 10,800 मजदूर
उपायुक्त मनरेगा केएन पांडेय ने बताया कि सीडीओ की ओर से जिन 83 तालाब और 13 नालों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी सौंपी है। उनकी साफ-सफाई के लिए 10,800 मनरेगा श्रमिक लगाए गए हैं। सभी श्रमिकों को मनरेगा के तहत मिलने वाली प्रतिदिन काम करने वाली मजदूरी की राशि दी जाएगी। प्रत्येक श्रमिक को एक दिन का मानव दिवस कार्य करने पर 201 रुपये मजदूरी दिए जाने का प्रावधान है।
किसान नहीं चाहते खेत में तालाब
सीडीओ ने बताया कि खेत तालाब योजना के तहत 16 का लक्ष्य मिला है। योजना के तहत किसान अपने खेत पर तालाब बनवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। सभी ब्लॉकों में संबंधित विभागों से कहा गया है कि वह किसानों को इसके फायदे समझाकर जमीन का चयन करें।
दो-तीन दिन में हो जाएगी सफाई
ब्लॉक ऊंचागांव क्षेत्र के गांव शफीनगर में तालाब की सफाई को करीब आठ दिन हो चुके हैं। अफसरों का दावा है कि इसकी सफाई आगामी तीन से चार दिन में हो जाएगी। यहां पर रोजाना 46 श्रमिक काम पर लगे हुए हैं। इस गांव की आबादी तीन हजार से अधिक है और तालाब की सफाई के बाद गांव का पानी इसमें जाएगा। साथ ही बारिश का पानी भी संचयन किया जा सकेगा।
25 श्रमिक लगे तालाब की सफाई में
ब्लॉक ऊंचागांव क्षेत्र के गांव रघुनाथपुर स्थित तालाब की सफाई को छह दिन हो चुके हैं। अफसरों का कहना है कि इसकी सफाई जल्द पूरी कर ली जाएगी। इस तालाब की सफाई में करीब 25 श्रमिक काम पर लगे हुए हैं। गांव की आबादी 2500 से अधिक है और तालाब काफी समय से साफ नहीं हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि अब तालाब की सफाई होने के बाद गांव का पानी इसमें जा सकेगा। बारिश का पानी भी तालाब में जाएगा तो गांव में जलभराव से निजात मिलेगी।
दुरुस्त कर रहे सिस्टम
सभी विभागों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं। ग्राम प्रधानों को भी ग्रामीणों को जल संचयन के लिए जागरूक कर रहे हैं।
अभिषेक पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी