कर्ज माफी की अफवाह पर सैकड़ों महिलाओं ने कलक्ट्रेट में शुक्रवार को हंगामा खड़ा कर दिया। महिलाओं ने नारेबाजी और प्रदर्शन करते हुए जबरन डीएम दफ्तर में घुसने का प्रयास किया। महिलाओं को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में लेडीज पुलिस को बुलाना पड़ा।
नगर में गरीब तबके की महिलाओं ने समूह में प्राइवेट वित्त संस्थाओं से छोटा कर्ज (एक लाख रुपये तक) ब्याज पर लिया हुआ है। शुक्रवार को कर्ज माफी की अफवाह पर 400-500 महिलाएं कलक्ट्रेट पहुंची और डीएम से मिलने का प्रयास करने लगी।
डीएम से मुलाकात नहीं होने पर महिलाओं ने हंगामा और प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिला सुनीता ने बताया कि संस्था सामान्य से अधिक ब्याज ले रही है। नोट बंदी के माहौल में जिन महिलाओं ने किश्त जमा नहीं की है, उनपर डबल किश्त जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है।
इसी से खफा गुस्साई महिलाएं डीएम दफ्तर के बाहर पहुंचे गई। वहीं, आक्रोषित महिलाओं के तेवर देख डीएम दफ्तर के बाद वेटिंग कक्ष का गेट बंद कर दिया गया। महिलाओं को समझाने के लिए लाउड स्पीकर की व्यवस्था करनी पड़ी।
सिटी मजिस्ट्रेट ने महिलाओं को समझाया, मगर वह कर्ज माफी की जिद पर अड़ी रही। इनसे निपटने के लिए महिला पुलिस को बुलाया गया। महिला कांस्टेबल ने महिलाओं को डीएम दफ्तर से बाहर निकाला। वहीं, दोपहर करीब दो बजे सिटी मजिस्ट्रेट के सख्त रुख अपनाने पर महिलाएं शांत हुई। रुकमणि, सुनंदा, कविता, सुनीता, मधु, फिरोजा आदि मौजूद रहे।
कर्ज माफी की फर्जी सूचना पाकर महिलाएं कलक्ट्रेट आई थीं। उनको समझा दिया गया। अपनी बात रखकर महिलाएं लौट गईं। - हिमांशु गौतम, सिटी मजिस्ट्रेट, बुलंदशहर