फूड सिक्योरिटी में पात्र और अपात्र का फैसला अब गांव की संसद में होगा, जहां एडीओ, सेक्रेटरी, पूर्ति निरीक्षक और ग्राम प्रधान मौजूद रहेंगे। सत्यापन अधिकारी पंचायत में लिस्ट सुनाएेंगे। एसडीओ ने इसके लिए रणनीति बना ली है।
जिले में फूड सिक्योरिटी से 6.50 लाख परिवार जुड़े हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में अपात्र भी शामिल हैं। ऐसे अपात्र परिवारों को योजना से बाहर करने के लिए शासन ने जिला पूर्ति अधिकारी को गांव में पंचायत बैठाने का आदेश दिया है।
डीएसओ केबी सिंह का कहना है कि पंचायत एडीओ, सेक्रेटरी, पूर्ति निरीक्षक और गांव के प्रधान की मौजूदगी में होगी। इसमें सत्यापन अधिकारी सूची सुनाएंगे और उसके बाद ग्रामीण बताएंगे कि कौन पात्र या अपात्र। इसी पंचायत में अपात्रों के नाम योजना से आउट कर दिए जाएंगे।
कार, एसी, बिजली कनेक्शन और आयकर दाताओं की भी बनेगी सूची ः फूड सिक्योरिटी में शामिल अपात्रों का पता लगाने के लिए सर्वे भी शुरू कर दिया है। इसके लिए विभिन्न विभागों के अफसर-कर्मचारियों को सत्यापन अधिकारी बनाया है।
सत्यापन अधिकारी पात्र परिवार के पास कार, एससी, बिजली कनेक्शन और आयकर दाताओं की लिस्ट बनाएंगे। यदि योजना में शामिल किसी परिवार के पास इनमें से कोई भी चीज है तो उन्हें भी योजना से आउट किया जाएगा।