बुखार का दायरा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। चोला क्षेत्र के दो और गांव जानलेवा बुखार की चपेट में आ चुके हैं। बुखार के प्रकोप के बावजूद स्वास्थ्य अधिकारी एसी कमरों से निकलने को तैयार नहीं हैं। सैकड़ों ग्रामीणों के बुखार की चपेट में आने के बावजूद गांव में कोई चिकित्सक या टीम नहीं पहुंची।
चोला क्षेत्र में नगला गोविंदपुर और सूबरा के बाद कई और गांव जानलेवा बुखार की चपेट में आ गए हैं। चोला क्षेत्र के गांव वैर और भोपतपुर में भी बुखार का प्रकोप ग्रामीणों को अपनी चपेट में ले रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीण जानलेवा बुखार से पीड़ित हैं।
ग्रामीण बुखार की तपन में तप रहे हैं और अफसर-चिकित्सक एसी कमरों में आराम फरमा रहे हैं। सबसे बुरी स्थिति चोला क्षेत्र के गांव नगला गोविंदपुर, सूबरा, वैर, भोपतपुर, धमेड़, बुलंदशहर क्षेत्र के गांव कमालपुर और काजिमपुर देवली की है। यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण बिस्तरों पर पड़े हुए हैं।