सोशल मीडिया पर मंगलवार शाम को कलक्ट्रेट में तैनात एक बाबू का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह किसी से रुपये लेकर जेब में रखते हुए दिखाई दे रहा है। साथ ही वीडियो में एक महिला उपनिरीक्षक भी नजर आ रही हैं। उधर मामला संज्ञान में आने पर डीएम ने जांच एडीएम को सौंप दी है। साथ ही बाबू को पटल से हटा दिया है। जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।
सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर मंगलवार शाम को चार सेकेंड का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो कलक्ट्रेट के कमरा नंबर पांच का बताया जा रहा है। जहां पर न्याय सहायक (जे. बाबू) के पद पर तैनात अजय शर्मा किसी से रुपये लेकर जेब में रखते हुए दिखाई दे रहा हैं।
वीडियो में एक महिला पुलिसकर्मी भी खड़ी दिखाई दे रही हैं। वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। किसी ने कहा कि कोई चाय वाला था, जो चाय के बचे हुए रुपये वापस कर रहा था, तो किसी ने कुछ और कहा। लेकिन, वीडियो में रुपये देते हुए जो हाथ दिखाई दे रहा है वह भी पहने हुए कपड़ों के हिसाब से किसी पुलिसकर्मी का ही लग रहा है।
देर शाम मामला डीएम के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने तत्काल बाबू को पटल से हटाकर मामले की जांच एडीएम प्रशासन को सौंप दी है। पुलिसकर्मियों के बीच बाबू का रुपये लेकर जेब में रखते हुए वायरल हुए वीडियो के संबंध में पुलिस भी जांच कर रही है। आखिर वीडियो में नजर आ रही महिला उपनिरीक्षक वहां क्या कर रही थीं। यदि, यह रिश्वत का मामला है, तो उनके सामने यह कार्य हो रहा था तो उन्होंने इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की। वहीं, रुपये देने वाला हाथ किसका है, यह भी जांच का विषय है। अधिकारी जल्द ही वायरल वीडियो की सत्यता स्पष्ट करने की बात कह रहे हैं।
नहीं थम रहा सरकारी दफ्तरों और कर्मचारियों का भ्रष्टाचार
सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रशासन की नीति जनपद में शिथिल नजर आ रही है। आए दिन विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। खासतौर पर पुलिस महकमे में कर्मचारियों के रिश्वते लेने और विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में लिप्त लोगों से संपर्क बनाने के मामले सामने आते हैं। बीते दिनों ही एसएसपी ने सिकंदराबाद में एक चौकी इंचार्ज समेत पांच पुलिसकर्मियों को भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर निलंबित कर दिया था। करीब 20 दिन पूर्व ककोड़ थाने पर तैनात दो पुलिसकर्मियों को भी रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित किया गया था।
डीएम सीपी सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है, बाबू को पटल से हटा दिया गया है। वीडियो में एक महिला उपनिरीक्षक नजर आ रही हैं। यह रुपये रिश्वत लेने के हैं या फिर किसी अन्य कार्य से संबंधित हैं, यह जांच का विषय है। अभी रिश्वत की बात कहना जल्दबाजी है। जांच पूरी होने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच में दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।