अनूपशहर। ऐतिहासिक कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेले का मुख्य स्नान 27 नवंबर को होगा। ऐसे में 26 और 27 नवंबर को गंगा पुल से वाहनों का आवागमन बंद रहेगा। मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। रूट प्लान तैयार करने के साथ अस्थायी वाहन पार्किंग के लिए जमीन की तलाश तेज हो गई है।
इस बार कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला 23 नवंबर से शुरू हो जाएगा। जो 15 दिन तक जारी रहेगा। अनूपशहर गंगा पुल से होकर संभल, अमरोहा, अलीगढ़, शिकारपुर, डिबाई और बुलंदशहर समेत अन्य मार्ग के लिए जाने वाले वाहन गुजरते हैं। गंगा स्नान मेले में जिला समेत दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा आदि प्रांतों से श्रद्धालु गंगा स्नान करने आते हैं। लाखों श्रद्धालुओं के आने से ही इसे लक्खी मेला कहा जाता है। ऐसे में यहां पर जाम की समस्या बनने की आशंका है। इससे निजात दिलाने के लिए 27 और 27 नवंबर को गंगा पुल से वाहनों खासकर भारी वाहनों का आवागमन बंद रहेगा।
जाम से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से रूट प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके तहत जनपद संभल की तरह से गवां चौराहा व बबराला से भारी वाहनों के आगमन पर और बुलंदशहर से आने वाले जहांगीराबाद-डिबाई मार्ग तिराहे पर, थाना अहमदगढ़ व मलकपुर चौकी क्षेत्र बिबियाना चौराहा पर डिबाई के भीमपुर तिराहे पर ओर अनूपशहर-नरौरा मार्ग पर कर्णवास से भारी वाहनों के आवागमन को बैरियर लगाकर रोका जाएगा। इसके अलावा अन्य खास इंतजाम किए जाएंगे।
मेले का समय नजदीक आते ही गंगा स्नान घाट पर बैरिकेटिंग, घाटों की सुरक्षा के लिए नाव, मल्लाह, तैराक और गोताखोर की व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था, टेंट व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, अस्थायी मोबाइल शौचालय, अस्थायी स्नानघर, परिवहन व्यवस्था, पशु चिकित्सा व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था, अग्निशमन व्यवस्था, मेला कंट्रोल रूम और खोया पाया केंद्र की व्यवस्था का काम शुरू हो गया है। एडीएम नवीन कुमार ने बताया कि मेले की तैयारियों को लेकर लगातार काम चल रहा है। मेले में किसी तरह की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। मेले में सीसीटीवी से भी निगाह रखी जाएगी।