फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमेरिकी दूतावास ने किया वीजा से इनकार, अब सुषमा से लगाई गुहार

Tue, 07 Mar 2017 10:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
विज्ञापन
अन्य - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विज्ञापन
अमेरिका में नजरबंद किए गए परमाणु वैज्ञानिक के परिजनों को अपने लाडले का कुछ पता नहीं मिल रहा है। अमेरिकी दूतावास ने वैज्ञानिक के माता-पिता को भी वीजा देने से इंकार कर दिया है। टैक्सास स्थित ए एंड एम विवि में तैनात परमाणु वैज्ञानिक को नजरबंद हैं। शिकारपुर में उनके बूढ़े माता पिता का रो रोकर बुरा हाल है।

अब माता पिता को सिर्फ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और भारत सरकार से ही उम्मीद रह गई। वह प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय में संपर्क कर बेटे को भारत लाने की मांग करेंगे। डीएपी इंटर कॉलेज के रिटायर शिक्षक रामकिशन शर्मा के पुत्र डा. टीके शर्मा (तरुण कुमार) ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र से पीएचडी करने के बाद 2010 में ए एंड एम यूनिवर्सिटी टैक्सास अमेरिका में बतौर परमाणु वैज्ञानिक तैनाती पाई थी।
विज्ञापन


तरुण की 72 वर्षीय मां गिरजेश शर्मा ने बताया कि अक्तूबर 2015 में बेटे को नस्लवादी व्यवहार और भ्रष्टाचार का विरोध करने पर उत्पीड़न शुरू किया गया।  उनको काम पर ध्यान न देने व दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाकर जेल भिज दिया था। संघीय न्यायालय ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए विवि को 350 मिलियन डालर  देने का आदेश दिया।

विवि प्रशासन ने न् धनराशि देने के बजाय 29 दिसंबर 2016 को उनको नजर बंद कर लिया। माता पिता ने बताया कि पुत्र की वापसी के लिये पीएम कार्यालय, विदेश मंत्री जनरल वीके सिंह और सुषमा स्वराज के यहां तक दरख्वास्त लगा चुके हैं। अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
विज्ञापन


बूढी मां ने  बताया कि बेटे की मदद के इरादे से पिता ने अमेरिका दूतावास में वीजा के लिये आवेदन किया। छह फरवरी को अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों ने वीजा देने से इंकार कर दिया। मां गिरिजेश शर्मा व पिता रामकिशन शर्मा ने अब भारत सरकार पर ही भरोसा जताया है। उन्होंने बताया कि अब दोबारा से पीएम मोदी व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से  बेटे को भारत लाने की गुहार लगाएंगे।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें