यूरिया घोटाले में जांच पूरी, 24 समिति और उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित
बुलंदशहर। जनपद में गत अगस्त और सितंबर में हुए यूरिया घोटाले के मामले में जांच पूरी होने के बाद अब 24 समिति और उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई कर दी गई है। यह कार्रवाई डीएम रविंद्र कुमार की ओर से की गई है। साथ ही इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। वहीं, दूसरी ओर अब उक्त मामले में एआर को-ऑपरेटिव भी संबंधित समितियों के सचिवों पर जल्द कार्रवाई की बात कर रहे हैं।
किसानों को सहकारी समिति और उर्वरक की दुकानों से यूरिया उपलब्ध करवाया जाता है। यूरिया का वितरण किसान को पॉश मशीन से करने का नियम है। जनपद में गत अगस्त और सितंबर में दो बार यूरिया घोटाले का मामला सामने आया था। उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय ने दो बार 50 से अधिक किसानों को 24 समिति और उर्वरक विक्रेताओं की सूची जारी कर अवगत करवाया था कि इन्होंने नियम से अधिक यूरिया का वितरण कर दिया है। उक्त किसानों को 15 हजार से अधिक यूरिया के कट्टे वितरित किए हैं। मंत्रालय से यह सूची मिलने के बाद डीएम ने विभागीय अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए थे। इसकी जांच के लिए कई टीमों का गठन किया गया था। जांच करने वाले संबंधित अधिकारियों ने अपनी जांच पूरी कर उसकी रिपोर्ट विभाग को सौंप दी थी। मामले में अब जांच पूरी होने के बाद डीएम रविंद्र कुमार के आदेश पर जिला कृषि अधिकारी ने 24 समिति और उर्वरक विक्रेेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इनमें नौ सोसायटी और 15 उर्वरक विक्रेताओं की दुकान शामिल हैं। दूसरी ओर एआर को-ऑपरेटिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि इस मामले में जल्द ही समितियों के सचिव पर भी कार्रवाई होगी।
इन समितियों और उर्वरक विक्रेताओं पर हुई कार्रवाई
यूरिया घोटाले के मामले में साधन सहकारी समिति खबरा, हजरतपुर, खंखूड़ा रहमापुर, खेरिया कल्याणपुर, पिपाला, फजलपुर, साधन सहकारी समिति नरौरा और गन्ना विभाग सहकारी समिति परतापुर शामिल हैं। इसी तरह उर्वरक विक्रेताओं में रामकुमार खाद भंडार बरौली वासुदेवपुर, अनमोल कृषि रक्षा केंद्र हनुमान चौराहा, शिव खाद बीज दवाई एजेंसी अहमदगढ़, चंद्रा खाद भंडार नई मंडी बुलंदशहर, एनके इंटरप्राइजेज खुर्जा, किसान सेवा केंद्र खुर्जा, एनआर खाद बीज भंडार खुर्जा, जय अंबे किसान सेवा केंद्र गंगागढ़, लक्ष्मी बीज भंडार मुनि, कृष्णा पेस्टीसाइड मुनि, विष्णु खाद भंडार केंद्र डिबाई, आईएफडीसी कृषक सेवा केंद्र जटपुरा, कनक खाद भंडार और सिंधू कीटनाशक केंद्र चीरघर बुलंदशहर शामिल हैं।
जनपद में एक और यूरिया घोटाला उजागर
बुलंदशहर। जनपद में एक बार फिर यूरिया घोटाला उजागर हुआ है। यह यूरिया घोटाला नवंबर माह में हुआ है। इसमें 23 किसानों को 14 उर्वरक विक्रेताओं ने नियम के विरुद्ध पॉश मशीन से 907 यूरिया के कट्टे वितरित कर दिए। उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय ने यूरिया घोटाले की सूची जारी कर जिला प्रशासन को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सूची मिलते ही डीएम ने कृषि विभाग के अधिकारियों को जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस आदेश के बाद जांच के लिए चार टीम बना दी गई है।
शासन की ओर से यूरिया वितरण के लिए पारदर्शी प्रक्रिया जारी कर रखी है। इस पर एफएमएस के माध्यम से कृषि विभाग लखनऊ की भी नजर रहती है। बावजूद इसके एक ही आधार पर किसानों को कई-कई यूरिया के कट्टे वितरित कर दिए जाते हैं। जनपद में पूर्व में भी कई बार यूरिया घोटाले के मामले सामने आ चुके हैं। साथ ही समिति के सचिवों और उर्वरक विक्रेताओं पर कार्रवाई भी की जा चुकी हैं। अब उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय ने 23 किसानों की सूची जारी कर अवगत करवाया है कि इनको कुल 907 यूरिया के कट्टों का वितरण किया गया है। डीएम रविंद्र कुमार ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए यूरिया लेने वाले 23 किसान और उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ जांच के लिए चार अधिकारी नामित कर टीम बना दी है। उक्त जांच अधिकारी अपनी रिपोर्ट जल्द डीएम को देंगे।
इन उर्वरक विक्रेताओं ने किसानों को बेचा यूरिया
शिव खाद भंडार ने किसान धीरज, रोबिन कृषि रक्षा केंद्र मुनी ने मुकेश चौहान, कृष्ण कुमार चौहान, जगवीर सिंह, और रहीशपाल, महारानी खाद भंडार अरनिया ने समर सिंह और विजयपाल, स्वास्तिक खाद भंडार सिकंदराबाद ने महेश और धर्मवीर, दिनेश चंद को. जहांगीराबाद ने चांद बैग, गौरव कुमार, राजवती और सोनू अग्रवाल, राजाराम ट्रेडर्स जहांगीराबाद ने राधाचरनसिंह, अमित और नौशाद, खुशहाली एग्री जंक्शन शिवाली और आईएफडीसी कृषक सेवा केंद्र शिवाली ने गौरव कुमार को, गंगा फर्टिलाइजर दानपुर ने मुन्ना खान, राजपाल ट्रेडर्स जहांगीराबाद ने नौशाद, पाल किसान सेवा केंद्र जहांगीराबाद ने मुनाजिर हैदर, भारत कीटनाशक भंडार जहांगीराबाद ने , कृषक सेवा केंद्र औरंगाबाद ने तेजेंद्र कुमार और चौ. खाद भंडार दरगाहपुर बासौटी ने किसान यशपाल को नियम के विरुद्ध यूरिया दिया है।
जनपद में अगस्त और सितंबर में हुए यूरिया घोटाले में डीएम के आदेश पर 24 समिति और उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई है। वहीं, दूसरी ओर नवंबर में हुए यूरिया घोटाले की सूची मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। डीएम के आदेश पर जांच के लिए बनाई गई चार टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंप देंगी।
- अश्विनी कुमार सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी