बुलंदशहर। यूपी बोर्ड-2025 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए पुख्ता व्यवस्था की गई है। बोर्ड परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरों का लिंक नहीं देने वाले परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं सेक्टर मजिस्ट्रेट की निगरानी में होंगी।
जनपद में इस बार बोर्ड परीक्षा के लिए 110 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 86,786 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें हाईस्कूल के संस्थागत 43,848 और इंटरमीडिएट के संस्थागत 40,298 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। जबकि हाईस्कूल के व्यक्तिगत परीक्षा देने वाले 267 और इंटरमीडिएट की व्यक्तिगत परीक्षा देने वाले 2,373 छात्र-छात्रा हैं।
डीआईओएस को नकलविहीन बोर्ड परीक्षा संपन्न कराने की हिदायत दी गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों को पूरी तरह से दुरुस्त रखने और उनका लिंक समय रहते डीआईओएस कार्यालय को उपलब्ध कराना होगा। डीआईओएस कार्यालय में इसके लिए कंट्रोल रूम बनाया जाएगा।
प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए परीक्षकों को आधार कार्ड या मान्य पहचान पत्र के आधार पर ही केंद्रों में प्रवेश मिलेगा। प्रयोगात्मक केंद्रों के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रों पर वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। वहीं, खराब रिकाॅर्ड वाले शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक नहीं बनाया गया है।
प्रयोगात्मक परीक्षाएं एक फरवरी से शुरू होंगी। जिला विद्यालय निरीक्षक विनय कुमार के अनुसार हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं और प्रयोगात्मक परीक्षा बोर्ड से मिलने वाले निर्देश के अनुसार ही कराई जाएंगी। इसमें किसी की भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।