डिबाई क्षेत्र के गांव देवीनगला-वन में बच्चियों की मौत के बाद शोकाकुल बैठे ग्रामीण। संवाद
डिबाई। देवीनगला-वन गांव में शनिवार दोपहर दो बजे से लापता दो चचेरी बहनों के शव रविवार सुबह ईंट-भट्ठे के पास दलदल से सटे गहरे गड्ढे में मिले। दोनों घर से खेलने के लिए निकली थीं। मामले में उनके दादा ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। करीब 16 घंटे बाद बरामद बच्चियों के शव देख परिजन बेसुध हो गए।
दौलतपुर चौकी क्षेत्र के गांव देवीनगला-वन निवासी धर्मपाल सिंह के आंगन की खुशियां चंद घंटों में छिन गईं। धर्मपाल सिंह के बेटे ओमवीर सिंह की सात वर्षीय बेटी ज्योति (कक्षा दो) और दूसरे बेटे मुकेश कुमार की पांच वर्षीय बेटी डिंपल (आंगनवाड़ी छात्रा) अक्सर एक साथ खेलती थीं।
धर्मपाल ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब 2 बजे ज्योति और डिंपल घर के पास ही चोखेलाल- पुष्पेंद्र कुमार के बंद पड़े ईंट-भट्ठे की तरफ खेलने चली गईं। यह जगह घर से करीब 300 मीटर दूर है। शाम 5 बजे जब दोनों नहीं लौटीं तो उन्होंने परिवार के लोगों के साथ खोजबीन शुरू कर दी।
शाम करीब 5:30 बजे उन्होंने पोतियों के न मिलने पर थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने रातभर परिजनों और ग्रामीणों के साथ मिलकर गांव और आसपास के इलाकों में बच्चियों की तलाश की लेकिन सफलता नहीं मिली। रविवार तड़के ग्रामीणों और पुलिस ने भट्ठे से करीब 50 मीटर दूर खेत के किनारे बने दलदल में दो बच्चों के पैरों के निशान देखे। इसी दलदल से सटा हुआ 10 फीट चौड़ा और 10 फीट गहरा एक गड्ढा था, जिसमें काफी समय से पानी भरा हुआ था। रविवार सुबह पुलिस ने अनूपशहर से गोताखोरों की टीम बुलाई।
गोताखोरों ने सुबह करीब 6:30 बजे दोनों बच्चियों के शव बाहर निकाल लिए। माना जा रहा है कि खेलते वक्त दलदल में फिसलने से वे इसी गड्ढे में जा गिरीं।
शव मिलते ही घटनास्थल पर मौजूद परिजन बेहाल हो गए। डिंपल की मां सीमा राेते-रोते बेसुध हो रही थीं। डिंपल दो भाई-बहनों में इकलौती बेटी थी। जबकि, ज्योति ओमवीर सिंह और राजकुमारी की चौथी संतान थी।