बुलंदशहर/नरौरा। लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच अब गंगा खतरे से निशान से करीब 0.215 मीटर ही दूर बह रही है। पानी के तेज बहाव के कारण मंगलवार को राजघाट में दो और पेड़ गंगा के कटान की चपेट में आ गए। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कटान रोकने के लिए इंतजाम शुरू किए।
पिछले करीब दो सप्ताह से जिले में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दिख रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के चलते गंगा इस समय उफान पर है। हालांकि पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। मंगलवार को नरौरा स्थित बैराज पर 2.24 लाख क्यूसेक प्रति सेकेंड की दर से पानी पहुंच रहा है। अब स्थिति ऐसी हो गई है कि यदि गंगा के जलस्तर में और बढ़ोतरी होती है तो गंगा खतरे के निशान को छू लेगी और पानी भी आबादी में घुसने की कगार पर पहुंच गया है। बुधवार को राजघाट क्षेत्र में कटान का क्षेत्र और बढ़ा तथा दो और पेड़ गंगा में समा गए। इसके बाद सिंचाई विभाग के एसडीओ अंकित सिंह के नेतृत्व में कटान को रोकने के लिए पेड़ और मिट्टी के कट्टे लगाए गए। वहीं जलस्तर के खतरे के निशान के पास पहुंचने के चलते अनूपशहर, अहार, नरौरा क्षेत्र में हाई अलर्ट किया गया है।
चारे की कमी से किसान परेशान
गंगा किनारे के गांव बच्चीखेड़ा बांगर, सिरौरा बांगर, अहार बांगर, आलमपुर उर्फ तोरई बांगर, फतेहपुर, हसनपुर बांगर, मोहम्मदपुर बांगर, शेरपुर बांगर, ऊंचागांव खादर, नौदेई बांगर, नयाबांस बांगर, निवाड़ी बागर, राजघाट बांगर, रामघाट बांगर समेत अन्य गांवों के खेतों में पानी भरा होने के कारण किसानों के सामने अब चारे का संकट आ गया है। किसानों का कहना है कि खेतों में पानी भरा होने के चलते चारा बर्बाद हो गया है। ऐसे में पशुओं को भूसा खिलाकर काम चलाया जा रहा है।
सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार गंगा के जलस्तर पर नजर रखे हैं। संबंधित तहसीलों के अधिकारियों को अलर्ट रहने और लगातार क्षेत्रों का दौरा करने के निर्देश दिए हैं। आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी अलर्ट रहने को कहा है। - विवेक मिश्र, एडीएम वित्त