बुखार से दिन प्रतिदिन हो रही मौतों ने मरीजों के दिल की धड़कन भी बढ़ा दी है। जिले में बुखार से महिला समेत दो और मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ ही जनपद में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 62 हो गया है।
जहांगीराबाद के मोहल्ला घटिया निवासी मनोरमा देवी पत्नी धर्मपाल को पिछले कई दिनों से बुखार था। उनका उपचार कस्बे के ही एक चिकित्सक के यहां चल रहा था। मंगलवार देर रात मनोरमा देवी की तबीयत अचानक खराब हो गई और उन्होंने दम तोड़ दिया।
इसके अलावा क्षेत्र के गांव चंदेरू निवासी निसारु पुत्र अब्दुल हकीम की भी बुधवार को बुखार से मौत हो गई। निसारु को पिछले कई दिनों से बुखार था। बुधवार को निसारु की तबीयत अधिक खराब होने से उसकी मौत हो गई।
ग्राम प्रधाना शबाना बेगम ने बताया कि गांव में बुखार से यह तीसरी मौत है। स्वास्थ्य अफसरों को इस बाबत लगातार सूचित किया जा रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। दो मौतों के बाद जनपद में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 62 पहुंच गया है। वहीं, लोनी के सरस्वती विहार कालोनी में बुखार से छात्रा शिवानी (12) पुत्री वीर सिंह मूल निवासी अनूपशहर की मौत हो गई है।
बुखार से मौत, अस्पताल प्रशासन का इंकार
जिला अस्पताल में एक मरीज की बुखार से मौत का मामला सामने आया है। नगर क्षेत्र निवासी ध्यानचंद्र को पिछले कई दिनों से तेज बुखार था। बताया गया कि उसे बुखार के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार को उसने दम तोड़ दिया।
हालांकि जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रीतम सिंह का दावा है कि ध्यानचंद्र को फेफड़े की बीमारी थी। उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी, जिसके कारण उसे भर्ती किया गया। वहीं, सीएमएस ने बुखार से मौत से इंकार किया है।