संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव नंगला बंशी में करीब चार वर्ष पूर्व रंजिशन एक व्यक्ति पर लाठी-डंडों और धारदार हथियार से वार कर हत्या का प्रयास किया गया। शनिवार को एडीजे (फास्ट ट्रैक) तृतीय के न्यायाधीश रितिका त्यागी ने दो अभियुक्तों को दोषी पाया। दोषियों को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 75 हजार 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
एडीजीसी क्राइम अजीत कुमार सक्सेना और नितिन त्यागी ने बताया कि 22 जून 2019 को सीआरपीएफ नोएडा में तैनात वादी चमन सिंह निवासी नंगला बंशी ने कोतवाली देहात में दर्ज मुकदमे में बताया कि गांव के कुछ लोग उनके पिता सत्यपाल से रंजिश रखते हैं। रंजिश के चलते पड़ोसी चतर सिंह, दुर्गपाल उर्फ कलुआ, उमेश, विकास, हरवीर व ओमप्रकाश ने घर में बैठे उनके पिता सत्यपाल पर हमला कर दिया। लाठी, डंडों और धारदार हथियारों से वार कर सत्यपाल को गंभीर रूप से घायल कर दिया और मरा समझकर चले गए। पुलिस ने इस दौरान चार घायलों का मेडिकल कराया। पुलिस ने जांच के बाद दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। ऐसे में समस्त साक्ष्यों एवं बयानों का अवलोकन कर शनिवार को एडीजे (फास्ट ट्रैक) तृतीय के न्यायाधीश रितिका त्यागी ने दोषी दुर्गपाल उर्फ कलुआ व हरवीर को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर 75 हजार 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।