बुलंदशहर। न्यायालय ने करीब 11 साल पुराने एससी-एसटी एक्ट और मारपीट के एक मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जहांगीरपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव कपना में वर्ष 2014 में आरोपी छोटे और हरेंद्र सिंह ने गांव के ही ताराचंद के साथ मारपीट की थी। इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित को जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया और जान से मारने की धमकी दी थी। घटना के संबंध में 21 सितंबर 2014 को थाना जहांगीरपुर में धारा 323, 504, 506 आईपीसी और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच पूरी कर आठ अक्तूबर 2014 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
इस मामले को पुलिस महानिदेशक द्वारा संचालित ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिह्नित किया गया था। मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर मंगलवार को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) मनोज कुमार मिश्रा ने दोनों आरोपियों को दोषी पाया। न्यायाधीश ने आरोपी छोटे और हरेंद्र को तीन-तीन वर्ष की जेल और प्रत्येक पर 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।