एक बार फिर जिले में सरसों का तेल और दूध शुद्धता की कसौटी पर खरा नहीं उतरा। सरकारी प्रयोगशाला की जांच में सरसों के तेल मेें रासायनिक पीला रंग निकला और दूध में एसएनएफ (सॉलिड नॉट फैट) की मात्रा सामान्य से कम पाई गई।
एक माह पूर्व खुर्जा, बुलंदशहर और डिबाई से दूध और सरसो के तेल के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। शुक्रवार को प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट फूड सेफ्टी विभाग को मिल गई। दूध के तीन नमूने अधोमानक पाए गए।
दूध में वसा की मात्रा सामान्य थी, मगर एसएनएफ सामान्य से कम निकला। दूध का एक नमूना सिकंदराबाद रोड नदी पुल के पास, दूसरा नमूना खुर्जा में मिल्क वैन से और तीसरा नमूना मामन चौकी के पास साठा से फूड सेफ्टी अफसरों ने लिया था। सरसों के तेल (वरुण ब्रांड) का नमूना गंगा ऑयल कसेरकला डिबाई से भरा गया था।
सरसों के तेल का तापमान 41 डिग्री निकला, जबकि सामान्यत: तेल का तापमान 27.5 डिग्री होना चाहिए। तेल में साबुनीकरण की मात्रा 183.17 पाई गई। साबुनीकरण 168-177 के बीच होना चाहिए। तेल में बटर पीला रंग मिलाया गया था।
सरसों के तेल में किसी भी प्रकार के रंग की मिलावट प्रतिबंधित है। तेल के बोतल पर एक्सपायरी डेट भी नहीं थी। फूड सेफ्टी नियम का वायलेशन भी पाया गया। इसी आधार पर सरसों के तेल के नमूने को अनसेफ श्रेणी में रखा गया। फूड सेफ्टी विभाग के डेजिगलेटिड अफसर रणधीर सिंह ने बताया कि मिलावटखोरों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
हो सकती है उम्रकैद
अनसेफ फूड आइटम के वादो की सुनवाई सिविल कोर्ट में की जाती है। दोष सिद्ध होने पर मिलावटखोर को उम्रकैद की सजा हो सकती है। वहीं, अधोमानक वाले वाद एडीएम प्रशासन की कोर्ट में सुने जाते हैं।
अनसेफ फूड आइटम का सेवन करने से किडनी, लीवर और पेट पर इसका बुरा असर पड़ता है। ऐसे भोज्य पदार्थों का लगातार सेवन प्राण भी ले सकता है।- अशोक तालियान, डिप्टी सीएमओ, बुलंदशहर
दूध के तीन नमूने अधोमानक पाए गए हैं। वरुण ब्रांड के सरसों का तेल अनसेफ निकला है। मिलावटखोरों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। - रणधीर सिंह, डीओ, बुलंदशहर
रिपोर्ट अभी तक हमें नहीं मिली है। हमारे यहां बोतलों और डिब्बों में विधिवत एक्सपाइरी डेट की मोहर लगाई जाती है। - सचिन भारद्वाज, प्रोपराइटर, वरुण ब्रांड (सरसों तेल), गंगा ऑयल मिल, कसेर कला