जनपद के 15 ब्लैक स्पॉट पर सड़क हादसों में अब किसी की जान नहीं जाएगी। परिवहन आयुक्त ने ब्लैक स्पॉट्स पर आ रही अड़चनों को दूर करने के आदेश जारी किए हैं। इस क्रम में जिला प्रशासन और परिवहन विभाग व्यवस्था में जुट गया है। बता दें कि शासन ने परिवहन विभाग से जिले के सभी ब्लैक स्पॉट का विवरण मांगा था।
जनपद में वैसे तो दुर्घटना प्रोन एरिया 65 हैं, लेकिन इनमें से 15 स्पॉट ऐसे हैं जहां सर्वाधिक सड़क हादसे होते हैं। सड़क हादसों को रोकने के लिए परिवहन आयुक्त ने जिला प्रशासन के पास गाइड लाइन भेजी हैं। ब्लैक स्पॉट के आसपास चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, डिवाइडर के साथ साथ इंडीकेटर की व्यवस्था की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी, नगर निकाय और एनएचएआई को दी गई है।
मौत पर मामूली राहत
सड़क दुर्घटना में मृतक के परिवार को ट्रांसपोर्ट विभाग की ओर से 40 और 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद की जाती है। 40 हजार रोडवेज बस से दुर्घटना पर, 25 हजार रुपये अज्ञात वाहन से दुर्घटना पर आर्थिक मदद का नियम है।
यहां सबसे ज्यादा होते हैं हादसे
इंडस्ट्रियल एरिया सिकंदराबाद, शिकारपुर टी-प्वाइंट, सतसंग, भवन चौराहा औरंगाबाद, अलीगढ़ चुंगी खुर्जा, पुलिस चौकी बराल, कस्बा अहदमगढ़, धतूरी बॉर्डर, अगवाल फाटक, चामुंडा मंदिर खुर्जा क पास, रामघाट रोड, जीटी रोड अरनिया, वेव शुगर मिल के सामने, झाझर-पलवल मार्ग, जीटी रोड सलेमपुर, पंडरावल चौकी के पास सबसे ज्यादा हादसे होते हैं।
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पिछले वर्ष हादसों में गईं 457 जानें
जनपद मेें पिछले साल सड़क हादसों में 457 लोगों ने जान गवाईं थी और इससे कही ज्यादा लोग सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए थे।
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बयान---जनपद के 15 ब्लाक स्पॉट पर रिफ्लेक्टर, लाइट, डिवाइडर आदि की व्यवस्था होनी है। इस संबंध में आदेश मिला है। - सुरेंद्र सिंह, एआरटीओ, बुलंदशहर