पिंजरे में रखा गया था जिंदा मुर्गा
गांव निवासी डॉ. विमल ने बताया कि सोमवार को तालाब में विशालकाय मगरमच्छ दिखाई दिया था। इसके बाद ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई थी और लोग तालाब की ओर नहीं जा रहे। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम में रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया। इसी के चलते तालाब में पिंजरे के भीतर मगरमच्छ को आकर्षित करने के लिए एक जीवित मुर्गा रखा गया था।
वन विभाग की तैयारियों पर उड़े सवाल
रविवार सुबह मगरमच्छ पिंजड़े में से मुर्गा खाकर भी चला गया, लेकिन उसका दरवाजा बंद नहीं हो सका। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि मगरमच्छ बिना किसी डर के पिंजरे के अंदर घुसा, मुर्गे को खाया और फिर आसानी से बाहर निकल गया। पिंजरा बंद न होने के कारण पूरा रेस्क्यू अभियान नाकाम साबित हुआ, जिससे वन विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
दहशत में गांव वाले
ग्रामीण रवि ने बताया कि तालाब में मगरमच्छ की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल है। किसान, मजदूर और छोटे बच्चे रोजाना तालाब और आसपास के रास्तों से गुजरते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने हाल ही में बहराइच में मगरमच्छ के हमले में एक 12 वर्षीय बच्चे की मौत का हवाला देते हुए कहा कि ग्रामीणों की चिंता जाहिर की।