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एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में ट्रांसफर का चल रहा ‘खेल’

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बेसिक शिक्षा कार्यालय में खेल किट और फर्नीचर खरीद के अलावा छात्राओं को आत्मरक्षा के प्रशिक्षण के लिए मिली करोड़ों की राशि के गोलमाल की जांच अभी चल ही रही है कि अब शिक्षकों का एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में ट्रांसफर का खेल चलने का मामला उजागर होने से कार्यालय एक बार फिर सुर्खियों में है। इस पर वित्त एवं लेखा अधिकारी ने बीएसए को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस तरह के ट्रांसफर बीएसए के अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं। बावजूद इसके यह खेल बंद नहीं हो रहा है।
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बेसिक शिक्षा विभाग के जनपद में 2399 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें आठ हजार से अधिक शिक्षक और कर्मचारी आदि भी तैनात हैं। पिछले कुछ दिनों से बीएसए की ओर से शिक्षकों का एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में ट्रांसफर किए जा रहे हैं। इसका पता जब विभाग के वित्त एवं लेखा अधिकारी को चला तो उन्होंने बीएसए को पत्र लिखकर इस पर आपत्ति जताई है। उन्होंने बीएसए को पत्र लिखा है कि परिषदीय शिक्षकों को निलंबन के पश्चात बहाल करने पर उनके स्वयं के अनुरोध करने पर अथवा खंड शिक्षा अधिकारी की संस्तुति पर अन्य विकास क्षेत्र के विद्यालयों में पद स्थापित किया गया है। यह अनियमित है, क्योंकि शिक्षा सत्र के मध्य में विभागीय सहमति अथवा जनपदीय स्थानांतरण/ समायोजन अन्य विकास क्षेत्र के विद्यालय का पद स्थापन करते समय शिक्षा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत छात्र-शिक्षक अनुपात का भी ध्यान नहीं रखा गया है। ऐसी स्थिति में छात्र-शिक्षक अनुपात से अधिक शिक्षक का वेतन संबंधित विद्यालय में आहरित किया जाना उचित नहीं है। जो वित्तीय अनियमितता एवं शासनादेश का उल्लंघन है। इस पत्र की पुष्टि वित्त एवं लेखा अधिकारी सत्यपाल सिंह तोमर ने की है। जबकि बीएसए का दावा है कि ऐसा करना मेरे अधिकार क्षेत्र का मामला है। वित्त एवं लेखा अधिकारी को पूरी जानकारी नहीं है और उनके द्वारा लिखे गए पत्र के बाद वार्ता कर नियम से अवगत करवा दिया है।
निलंबन-बहाली के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, बैठी जांच
बुलंदशहर। बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यालय में एक ओर जहां शिक्षकों का एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में ट्रांसफर करने का मामला उजागर हुआ है। वहीं, दूसरी ओर शिक्षकों के निलंबन-बहाली के नाम पर अवैध वसूली का आरोप भी लगा है। ऐसी एक शिकायत गाजियाबाद निवासी व्यक्ति ने मंडलायुक्त से की है। मंडलायुक्त ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए डीएम को पत्र लिखा है। बताया गया कि इस पर जांच बैठ गई है।
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गाजियाबाद निवासी सचिन कुमार ने मेरठ मंडल आयुक्त को शिकायत भेजकर जनपद के बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिक्षकों के निलंबन-बहाली को लेकर की जा रही अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। सचिन ने अपनी शिकायत में 12 ऐसे शिक्षक के नामों को भी उजागर किया है, जिनका ट्रांसफर नियम विरुद्ध एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक के स्कूल में किया गया है। सचिन ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि निलंबन-बहाली के लिए एक कनिष्ठ सहायक का प्रभारी नियुक्त किया है। जो अध्यापकों से सांठगांठ कर निलंबन-बहाली के नाम पर अवैध वसूली करता है। शिकायतकर्ता ने मंडलायुक्त को भेजे गए शिकायती पत्र के माध्यम से शिक्षकों के ट्रांसफर के नियम से भी अवगत करवाते हुए पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है। इस पर मंडलायुक्त ने डीएम को पूरे प्रकरण की जांच के लिए पत्र लिख दिया है। बताया गया कि मंडलायुक्त का पत्र मिलने पर इस पर जांच बैठ गई है।
शिक्षक यदि मनमानी करेंगे तो यह मेरा विवेक अधिकार है कि उन पर कार्रवाई की जाए। जिन शिक्षकों को एक स्कूल से दूसरे स्कूल में भेजा गया है। उसमें नियम का पालन किया गया है। वित्त एवं लेखा अधिकारी की ओर मुझे पत्र लिखा गया है। लेकिन उन्हें पूरे नियम की जानकारी नहीं है। उन्हें नियम से अवगत करवा दिया है। जिस व्यक्ति ने मंडलायुक्त से शिकायत की है वह निराधार है।
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अखंड प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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