चोला आरोपी प्रशिक्षु दारोगा विजय आनंद
चोला। थाने पर तैनात एक प्रशिक्षु उपनिरीक्षक ने पक्ष में रिपोर्ट देने के नाम पर वादी से 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। वादी ने इसकी शिकायत एसएसपी से की। इसमें गोपनीय जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। इसके बाद एसएसपी ने आरोपी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया है।
गांव कादिलपुर निवासी राकेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने गांव निवासी एक महिला और एक युवक को अपना प्लाट बेचा था। बैनामा में चेक के माध्यम से भुगतान करना दर्शाया गया था लेकिन आरोपियों ने भुगतान नहीं किया। रुपये मांगने पर आरोपियों ने नकद में भुगतान किए जाने की बात कहते हुए भुगतान से इन्कार कर दिया। इस संबंध में उन्होंने न्यायालय में परिवाद दाखिल किया था।
कोर्ट ने मामले में चोला पुलिस से आख्या मांगी थी। जिसकी जांच थाने पर तैनात प्रशिक्षु उपनिरीक्षक विजय आनंद को दी गई थी। राकेश ने बताया कि उपनिरीक्षक दरोगा विजय आनंद ने उनके पक्ष में रिपोर्ट लगाने के लिए 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी। इन्कार करने पर उपनिरीक्षक उन पर दबाव बनाने लगा और प्रतिवादी के पक्ष में रिपोर्ट दिए जाने की धमकी दी।
बताया कि प्रशिक्षु उपनिरीक्षक ने आरोपी पक्ष से रिश्वत लेकर उनके पक्ष में न्यायालय में रिपोर्ट दाखिल कर दी। प्रशिक्षु दरोगा के रिश्वत मांगने की ऑडियो और वीडियो राकेश ने एसएसपी को दी। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि ऑडियो और वीडियो रिकार्डिंग के आधार पर शुरूआती जांच में दोषी पाए जाने पर प्रशिक्षु उपनिरीक्षक विजय आनंद को निलंबित कर दिया है।