संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। मेरठ-बदायूं स्टेट हाईवे पर शिकारपुर बाईपास स्थित काली नदी पुल से वाहनों का संचालन एक जून से बंद हो जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस रूट डायवर्जन और यातायात को नियंत्रित करने की योजना बना रही है। 1974 में बने इस पुल की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने 30 लाख रुपये की लागत से प्रस्ताव तैयार किया था। पुल से आवागमन बंद होने के बाद भारी वाहनों को वाया खुर्जा होकर शिकारपुर-डिबाई के लिए निकाला जाएगा।
शिकारपुर बाईपास पर मोहनकुटी के पास स्थित काली नदी पुल की मरम्मत की जानी है। पुल के स्लैब के बीच की दरार बढ़ने के चलते वाहन चालकों को अधिक परेशानी हो रही थी। साथ ही इससे पुल की सेहत को भी खतरा बढ़ रहा था। जिसके चलते लोक निर्माण विभाग की ओर से पुल की मरम्मत करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। अब योजना के तहत एक जून से 15 जून तक काली नदी के पुल पर विशेष स्टील से बनी एंगल का प्रयोग करते हुए पुल के स्लैब के बीच की दूरी को खत्म किया जाएगा। इसमें करीब दो सप्ताह का समय लगेगा। जिसके चलते 15 जून तक पुल से वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद रहेगा। पुल पर मरम्मत कार्य के चलते शिकारपुर, डिबाई की ओर जाने वाले हल्के वाहनों को कालाआम से डिप्टी गंज, स्याना अड्डा होते हुए निकाला जाएगा। ऐसे में शहर की सड़कों पर वाहनों की संख्या में वृद्धि होगी। इसके लिए ट्रेफिक पुलिस की ओर से काला आम चौराहा, भूड़ चौराहा पर बैनर और बैरियर लगाए गए हैं। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ-नोएडा की ओर से आने वाले हल्के वाहनों को स्याना, अनूपशहर, बदायूं, शिकारपुर, डिबाई, नरौरा, संभल जाने के लिए भूड़ चौराहा से काला आम, डिप्टी गंज, स्याना अड्डा होकर निकाला जाएगा। जबकि भारी वाहनों को वाया खुर्जा होकर गंतव्य के लिए रवाना किया जाएगा।
बुलंदशहर से स्याना, अनूपशहर के लिए रात में निकलेंगे भारी वाहन
बुलंदशहर से स्याना और अनूपशहर जाने वाले भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। केवल रात के समय इन भारी वाहनों को नो एंट्री का समय खत्म होने के बाद शहर के बीच से गुजारा जाएगा। रूट प्लान को तैयार करने के बाद अब ट्रैफिक पुलिस अधिकारी इसे अमलीजामा पहनाने में लग गए हैं।
ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर ओमपाल सिंह ने बताया कि रूट डायवर्जन के लिए तैयारी कर ली गई हैं। इसके लिए जगह-जगह पर बैनर-पोस्टर भी लगाए गए हैं, जिससे लोगों को इसके बारे में पता चल सके। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए भी कार्य किया जा रहा है।