गाड़ी से आपको जाना है तो रविवार को संभल कर निकलें। वट अमावस्या के चलते गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ से अलीगढ़-बुलंदशहर मार्ग पर जाम लग सकता है।
जिले में वट अमावस्या पर गंगा स्नान के लिए सबसे अधिक भीड़ छोटी काशी अनूपशहर घाट पर होगी। ऐसे में अलीगढ़ और बुलंदशहर मार्ग पर जाम लग सकता है।
साथ ही बदायूं, बुलंदशहर, अलीगढ़ और नरौरा शहर को जाने वाले चौराहे पर जाम की संभावना है। इसका कारण है कि श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद बैलोन मंदिर में भी दर्शन करने पहुंचते हैं। उधर, पुलिस अफसरों का दावा है कि वट अमावस्या पर जाम से निपटने के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। जाम लगने वाले मार्गों की पहचान कर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है।
गोताखोर तैनात नहीं किए गए
गंगा घाट पर अब तक कोई गोताखोर तैनात नहीं किए गए हैं। यहां तक कि प्रशासन और पुलिस की ओर से गंगा में हादसों के दौरान नाव तक नहीं इंतजाम किया गया है। जबकि अनूपशहर, अहार और नरौरा में बिना भीड़ के ही श्रद्धालु डूब जाते हैं।
शुक्रवार को तीन और शनिवार को भी छह लोग स्नान करते समय गंगा में बह गए थे। जिनमें से नाविकों और तैराकों ने चार लोगों को बचा लिया था। श्री गंगा सेवा समिति अनूपशहर के अध्यक्ष अखिलेश पालीवाल भी गंगा में हो रहे हादसों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं।
अखिलेश पालीवाल का कहना है कि गंगा घाटों पर गोताखोर नहीं हैं। जीवन सुरक्षा उपकरण, डूबते लोगों को बचाने के लिए प्रशासन की अपनी नाव और बॉडी सर्च आपरेटर भी नहीं है। यदि प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो हादसों पर अंकुश लगाना संभव नहीं है।
गंगा में होने वाले हादसों को रोकने के लिए जगह-जगह ट्यूब डालने के साथ घाट पर रस्सी बांध दी गई हैं। नगर पालिका और पुलिस की ओर से गंगा स्नान के दौरान किराए पर गोताखोर रखे जाते हैं। श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए लाउड स्पीकर पर अलर्ट किया जाता है। -अरुण कुमार यादव, एसडीएम अनूपशहर