बुलंदशहर। ग्रामीण न्यायालय स्याना के आदेश के खिलाफ अपील करने वाले आराेपी अपूर्व त्यागी की अपील को एडीजे चतुर्थ सुरेश कुमार के न्यायालय ने निरस्त कर दिया है। साथ ही ग्रामीण न्यायालय के आदेश को सही मानते हुए आरोपी को एनआइ एक्ट मामले में जेल भेज दिया है। साथ ही उस पर पूर्व में लगाया गया अर्थदंड भी बरकरार रखा गया है।
वादी मुकदमा राहुल त्यागी निवासी जागृति विहार मेरठ मूल निवासी मोहल्ला पट्टी राजाराम थाना स्याना ने ग्रामीण न्यायालय स्याना में याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने बताया था कि उनका अपूर्व त्यागी निवासी गोविंदपुरम गाजियाबाद के साथ मिलना जुलना था। इसी दोस्ती के चलते अपूर्व ने वर्ष 2015 में पीड़ित से दो लाख रुपये दो माह के लिए उधार लिए थे लेकिन वापस नहीं किए। पीड़ित के तकादा करने पर छह माह का समय मांगा।
आरोपी ने छह माह बाद पीड़ित को एक चेक दे दिया। जब पीड़ित ने वह चेक बैंक में लगाया तो आरोपी ने वह चेक कैश कराने से इन्कार कर दिया। इस संबंध में पीड़ित की शिकायत पर न्यायालय ने सुनवाई की और जनवरी 2025 में ग्रामीण न्यायालय ने अभियुक्त अपूर्व पर साधारण कारावास व तीन लाख रुपये का अर्थदंड सुनाया।
इसमें से 2.80 लाख रुपये वादी को देने का आदेश था। इस आदेश के खिलाफ आरोपी ने जिला न्यायालय में अपील की। जिसकी सुनवाई एडीजे एफटीसी चतुर्थ डॉ. सुरेश कुमार के न्यायालय में हुई। जिस पर न्यायालय ने अपील को निरस्त करते हुए पूर्व आदेश को ही बरकरार रखते हुए आरोपी को जेल भेज दिया।