नमामि गंगा योजना के तहत गंगा किनारे गांवों मेें खुले में शौच नहीं करने के लिए चालाई जा रही जागरूकता रंग लाने लगी है। साथ ही गंगा किनारे बसे गांवों में संचालित शिक्षण संस्थानों के शौचालय चकाचक हो गए हैं। इससे विद्यार्थियों के साथ अध्यापकों को भी राहत मिली है।
गंगा किनारे 30 ग्राम पंचायतों के 39 गांवों के प्राथमिक शौचालयों की हालत काफी दिनों से अच्छी नहीं थी। अधिकतर शौचालयों की छत नहीं थी तो कई के दरवाजे आदि टूट गए थे। जिससे विद्यार्थियों के साथ अध्यापकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
छात्र तो किसी तरह आसपास के क्षेत्र का प्रयोग कर लेते रहे मगर छात्राओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता था। डीपीआरओ राजेश कुमार के अनुसार गंगा किनारे सभी गांवों के शिक्षण संस्थानों में जर्जर शौचालयों का जीर्णोद्धार करा दिया गया है। यह कार्य नमामि गंगे योजना के तहत किया गया है। इस कार्य में लाखों रुपये की राशि खर्च हुई है।
केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना के तहत गंगा किनारे 30 ग्राम पंचायतों के 39 गांवों में जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को खुले में शौच ना करने को लेकर जागरूकता अभियान चलाया हुआ है। इस कार्य में विभिन्न विभागों के अफसरों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
अफसर और कर्मचारी लगातार गांवों में सुबह-शाम पहुंचकर खुले में शौच जाने वाले ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। करीब एक माह पहले शुरू हुई मुहिम अब रंग लाने लगी है, अब ग्रामीण खुले में शौच को ना जाकर शौचालयों का ही प्रयोग कर रहे हैं। डीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि अभियान 15 जुलाई तक चलेगा। इसके बाद शौचालयों की जांच को सर्वे चलेगा। जिन घरों में शौचालय नहीं है, वहां बनवाने का काम जारी है।