स्याना की नवीन मंडी में ठंड से बचने के लिए अलाव जलाकर तापते लोग। संवाद
बुलंदशहर। लगातार बदल रहे मौसम के बीच न्यूनतम तापमान गिरकर अभी तक के सबसे निम्न स्तर छह डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इसकी वजह से बृहस्पतिवार सीजन का अभी तक का सबसे ठंडा दिन रहा। दोपहर में धूप निकलने के बावजूद लोगों का सर्दी से कोई खास राहत नहीं मिली। मौसम विभाग ने कोहरा व शीतलहर का असर बरकरार रहने की संभावना जताई है। जिला येलो श्रेणी में शामिल है।
पिछले कई दिन से लगातार पाला और शीतलहर आमजन के साथ पशु व पक्षियों को कंपकंपाने पर मजबूर कर रही है। वहीं, सुबह शाम को कोहरे का असर बरकरार बना हुआ है। ऐसे मौसम के बीच पिछले कई दिन में कभी-कभार ही सूर्यदेव के दर्शन हुए हैं। वहीं, लगातार तापमान में भी बदलाव रहा। बुधवार शाम से बृहस्पतिवार की सुबह तक कोहरा छाया रहा।
वहीं, बृहस्पतिवार को दिन में धूप निकली। उसके बावजूद न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शाम होते ही फिर से कोहरा व ठंड का असर बढ़ने लगा। ऐसे मौसम में पूरा दिन लोग बचाव के तरीके अपनाने और अलाव आदि का सहारा लेते रहे। शाम होने पर जल्द घर पहुंच गए।
बृहस्पतिवार को धूप निकलने के बाद भी न्यूनतम तापमान 1 डिग्री गिरकर छह पर पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान एक डिग्री बढ़कर 15 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। हवा की गति पांच किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रही और आद्रता 78 फीसदी रही। जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 14 और न्यूनतम सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
कृषि विज्ञान केंद्र की अध्यक्ष व मौसम वैज्ञानिक डाॅ. रेशु सिंह के अनुसार जो न्यूनतम तापमान एक दिन पहले बुधवार को 7 डिग्री सेल्सियस था वह गिरकर 6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। यह इस सीजन का अभी तक का सबसे कम तापमान है। वहीं, जिले में मौसम विभाग ने कोहरा व शीतलहर का असर बना रहने की संभावना जताई है। जिला येलो श्रेणी में शामिल है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 15 और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।