बुलंदशहर। खानपुर कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2004 में किसान सोरन सिंह की गैरइरादातन हत्या के मामले में न्यायालय किशोर बोर्ड के न्यायाधीश देवेंद्र कुमार व सुधा चौहान ने बाल अपचारी को दोषी माना है। साथ ही उसे तीन वर्ष की सुधारात्मक अभिरक्षा में भेजते हुए एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
खानपुर थाना क्षेत्र के गांव नागौड़ निवासी मुकदमा वादी केश देवी ने वर्ष 2004 में खानपुर थाने पर तहरीर देकर बताया था कि उनके पिता सोरन सिंह व भाई की गांव निवासी नाबालिग आरोपी ने लाठी-डंडों से पिटाई की है। इसमें गंभीर रूप से घायल उनके पिता सोरन सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई। मामले में पुलिस ने आरोपी नाबालिग के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की और जांच के बाद उसके खिलाफ चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में दाखिल कर दी थी।
मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन था। जिस पर अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर न्यायालय ने बाल अपचारी को दोषी करार दिया है। साथ ही उसे तीन वर्ष की सुधारात्मक अभिरक्षा में जिला कारागार भेजा गया है। साथ ही उस पर एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
मारपीट के दोषी को तीन वर्ष का कारावास, तीन हजार का अर्थदंड
बुलंदशहर। नरौरा थाना क्षेत्र के एक गांव में युवती के साथ मारपीट करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी युवक को दोषी मानते हुए तीन वर्ष का कारावास व तीन हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है। मॉनिटरिंग सेल के प्रभारी ने बताया कि सात मई 2022 को नरौरा थाना क्षेत्र के गांव चौढेरा निवासी आरोपी रामवीर सिंह ने एक युवती के साथ गाली गलौज कर विरोध करने पर हमला कर दिया था।
इस मामले में पीड़िता की शिकायत पर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और जांच पूरी कर 28 जून 2022 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। जिस पर एडीजे अनूपशहर के न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयान व साक्ष्यों का अवलोकन कर रामवीर सिंह को दोषी करार दिया है। साथ ही उसे तीन वर्ष का कारावास व तीन हजार रुपये अर्थदंड सुनाया गया है।