कोर्ट का फैसला (सांकेतिक फैसला)
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जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि गुलावठी थाने पर 22 मार्च 2014 को वादी नरेश कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें बताया गया कि 22 मार्च की शाम दिनेश पुत्र महेश शर्मा ने अपनी मां शकुंतला देवी को फावड़े से काट दिया। साथ ही साक्ष्य मिटाने के लिए मृतका के पुत्र दिनेश, गणेश व राजेश शव की अर्थी बनाकर उसे जलाने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की और 22 अप्रैल 2014 को चार्जशीट कोर्ट में पेश की। अभियोग में मॉनीटरिंग सैल बुलन्दशहर ने न्यायालय में सशक्त, प्रभावी पैरवी कर अभियोजन की कार्रवाई सम्पन्न करायी गई।
न्यायाधीश ने पत्रावलियों का अवलोकन कर, दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह व बहस, साक्ष्यों और गवाहों के बयानात के आधार पर तीनों पुत्रों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।