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Bulandshahar News: 15 साल पहले हुए तिहरे हत्याकांड के तीन को उम्रकैद

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बुलंदशहर। सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव जीतगढ़ी, माजरा कांवरा में 15 साल पहले हुए तिहरे हत्याकांड के तीन दोषियों को अपर सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार तृतीय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि अर्थदंड की कुल धनराशि में से एक लाख रुपये तीनों मृतकों के परिजनों को दिए जाएं।
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सिकंदराबाद के गांव जीतगढ़ी माजरा कांवरा निवासी रामकुमार पुत्र चरन सिंह ने कोतवाली सिकंदराबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि छह सितंबर 2011 की रात करीब नौ बजे रामकुमार अपने भाई सतवीर सिंह के पास बैठे थे। इसी दौरान गांव के ही सतेंद्र और प्रदीप उर्फ पोले आए और सतवीर को बुलाकर अपने साथ ले गए। काफी देर तक सतवीर के नहीं लौटने पर रामकुमार उन्हें देखने गए। गांव के रजवाहे के पास उन्हें अपने पिता चरन सिंह और तहेरे भाई बलराज पुत्र किशनपाल मिले। उन्होंने बताया कि उन्होंने सतवीर और नित्यानंद को महावीर, सतेंद्र, विजय और प्रदीप उर्फ पोले के साथ देखा था। इसके बाद रामकुमार घर लौट आए और सो गए।
अगले दिन सात सितंबर की सुबह नित्यानंद की मां उनके घर आईं और नित्यानंद के बारे में पूछने लगीं। जब नित्यानंद और सतवीर की तलाश करते हुए खेतों की ओर पहुंचे, तो नित्यानंद की ट्यूबवेल के पास गांव के ही हंसराज की बाइक मिली।
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कुछ ही दूरी पर ह्दयपुर गांव निवासी सत्ते पुत्र मोमराज के खेत में सतवीर, नित्यानंद और हंसराज के शव पड़े मिले। तीनों के चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। आरोप लगाया था कि वर्ष 2001 में हुए रामफल हत्याकांड के बाद से आरोपी महावीर, सतेंद्र, विजय और प्रदीप रंजिश रखते थे।
हंसराज ने आरोपियों को सतवीर और नित्यानंद की हत्या करते हुए देख लिया था, जिसके चलते उन्होंने हंसराज की भी हत्या कर दी।गवाहों के बयान, साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार तृतीय ने महावीर, सतेंद्र व प्रदीप उर्फ पोले को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि जुर्माना की राशि में से एक लाख रुपये तीनों मृतकों के परिजनों को सहायता के तौर पर दिए जाएं।
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