बुलंदशहर। जनपद के औरंगाबाद क्षेत्र में जनवरी 2021 को नवविवाहिता आंचल की उसके ससुराल वालों ने दहेज की मांग पूरी न होने पर जहर देकर हत्या कर दी थी। इस मामले में अब विशेष न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम) अपर सत्र न्यायाधीश न्याय कक्ष संख्या-14 विवेक कुमार प्रथम के न्यायालय ने अभियुक्त पति, सास और ससुर को दोषी करार दिया है। उन्हें आजीवन कारावास और तीन-तीन हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
थाना औरंगाबाद में जनवरी 2021 को वादी मुकदमा राजेन्द्र सिंह द्वारा तहरीर दी गई कि उनकी भतीजी आंचल की शादी उन्होंने अमित निवासी गांव सुरजावली थाना औरंगाबाद के साथ करीब 7 माह पहले की थी। उसकी भतीजी को शादी के दिन से ही उसका पति अमित, ससुर विज्जे उर्फ विजयपाल एवं उसकी सास बाला अक्सर मारते-पीटते रहते थे। कई बार ससुराल पक्ष को समझाया गया। आरोपी दहेज की खातिर उसका लगातार उत्पीड़न करते रहे। 28 जनवरी 2021 को उन्हें सूचना मिली कि भतीजी आंचल के ससुराल वालों ने उसको जहर दे दिया है। आंचल को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया और जांच पूरी कर तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम)/अपर सत्र न्यायाधीश न्याय कक्ष संख्या-14 के न्यायाधीश विवेक कुमार प्रथम के न्यायालय में हुई। न्यायाधीश ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयान, साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनकर आरोपी पति अमित, ससुर विज्जे उर्फ विजयपाल एवं उसकी सास बाला को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने तीनों को आजीवन कारावास और तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।