बुलंदशहर। वर्ष 2015 में लूट के इरादे से एक टैंकर ड्राइवर की हत्या करने के मामले में सत्र न्यायाधीश संजय कुमार की कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, तीनों दोषियों पर 18,500-18,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
गुलावठी के गांव आसिफाबाद चंदपुरा निवासी तौसीफ ने अपने भाई हसरत की गुमशुदगी की शिकायत पांच नवंबर 2015 को दर्ज कराई थी। हसरत गुलावठी स्थित एक निजी डेयरी के लिए टैंकर से डिबाई से दूध लेकर आता था।
तौसीफ ने बताया कि 5 नवंबर से उसके भाई का कोई पता नहीं चल रहा है। जांच के दौरान, नगर कोतवाली क्षेत्र में काली नदी में एक युवक का शव बरामद हुआ।
शव की शिनाख्त आसिफाबाद चंदपुरा निवासी टैंकर ड्राइवर हसरत के रूप में हुई, जिसके बाद गुमशुदगी का यह मामला हत्या में बदल गया। पुलिस ने गहनता से जांच-पड़ताल शुरू की तो मामले में कई नाम सामने आए।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गुलवीर, आकाश, प्रशांत शर्मा, गुल मोहम्मद और जितेंद्र को संदिग्ध मानते हुए नगर के डीएवी तिराहे के पास से गिरफ्तारकर लिया।
पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने टैंकर लूटने के बाद हसरत की हत्या को अंजाम दिया था। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लूट का 22,270 लीटर दूध से भरा टैंकर हापुड़ जिले से बरामद किया।
साथ ही हसरत का वोटर कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल फोन भी बरामद किया गया, जिससे अपराध की कड़ियां मजबूत हुईं। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में कुल छह गवाहों के बयान दर्ज कराए। शनिवार को सत्र न्यायाधीश संजय कुमार की कोर्ट ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर प्रशांत शर्मा, आकाश और गुलवीर को लूट और हत्या का दोषी माना।
कोर्ट ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सख्त सजा सुनाई और उन पर कुल 55,500 रुपये (प्रत्येक पर 18,500 रुपये) का अर्थदंड भी लगाया।