बुलंदशहर। धोखाधड़ी के एक मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनील त्रिपाठी की अदालत ने फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाने के आरोपी को दोषी करार दिया। उसे तीन वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
वर्ष 2021 में सिकंदराबाद के सुल्तानवाला कुआं शेखवाड़ा निवासी मोहम्मद आकिल ने अपने विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामलों को छुपाते हुए धोखाधड़ी से पासपोर्ट जारी करवा लिया था। फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर 10 मई 2021 को थाना सिकंदराबाद में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में पासपोर्ट अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने विवेचना पूरी कर 9 सितंबर 2021 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायाधीश ने आकिल को दोषी करार दिया है।
मारपीट के दोषी को नौ माह का कारावास
न्यायालय ने वर्ष 2022 के मारपीट के एक मामले में दोषी को नौ माह के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। सलेमपुर थाना क्षेत्र के गांव रजपुरा निवासी रणवीर सिंह ने वर्ष 2022 में गांव केलावन निवासी प्रमोद शर्मा के साथ मारपीट और गाली-गलौज की थी। इस संबंध में 25 मार्च 2022 को थाना सलेमपुर में संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अप्रैल 2022 में ही आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। अब ठोस साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश अर्चना सिंह (सीजे/एसडी/एफटीसी) ने रणवीर सिंह को दोषी पाते हुए 09 माह के कारावास और 1500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।