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Bulandshahar News: खुर्जा जंक्शन पर नहीं है पेयजल की सुविधा, यात्री हो रहे परेशान

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खुर्जा जंक्शन की खबर में फोटो - राकेश । संवाद
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खुर्जा जंक्शन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल स्टेशन का नव निर्माण अभी तक नहीं हो सका। ऐसे में यात्रियों को गर्मी से बचाव के लिए स्टेशन पर पेयजल व छांव में बैठने की कोई सुविधा नहीं मिल रही। एक से लेकर पांच नंबर प्लेटफार्म पर पेयजल की सुविधा नहीं है। वहीं, टीन शेड भी कुछ ही दूर लगे हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 को अमृत स्टेशन 2.0 योजना के तहत 12.5 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले नव निर्माण का वर्चुअल शिलान्यास किया था। इसमें डेढ़ साल के अंदर नया रेलवे स्टेशन तैयार होना था, जिसमें टिकट घर, पूछताछ केंद्र, मुसाफिरखाना, यात्रियों के बैठने के लिए महिला व पुरुष वेटिंग हॉल, शौचालय, भोजनालय, लिफ्ट, स्वचलित सीढ़ियां आदि शामिल थीं।

इसमें प्लेटफार्म पर टीनशेड, पंखे, पेयजल व लाइट की सुविधा का भी आश्वासन दिया गया, लेकिन वास्तविकता में यह सब धरातल पर देखने को नहीं मिल रहा। बीते दो साल चार महीने के बाद भी स्टेशन पर कोई सुविधा नहीं बढ़ाई गई। वहीं, जो व्यवस्था थी वह भी खराब हो गई। वाटर कूलर खराब हो गए, जिनमें दोपहर के वक्त गर्म पानी आता है और अन्य पानी की टंकियों में सप्लाई बंद पड़ी है।
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रेलवे विभाग की ओर से अमृत स्टेशन 2.0 योजना के तहत खुर्जा जंक्शन का कायाकल्प करने का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन बुनियादी सुविधाएं अब भी मृगतृष्णा बनी हुई हैं। स्टेशन के प्लेटफॉर्म एक से चार तक लगे वाटर कूलर या तो खराब पड़े हैं या उनमें पानी ही नहीं आता। गर्मी में ट्रेनों के इंतजार में खड़े यात्री बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं। बुजुर्ग और बच्चे डिहाइड्रेशन के शिकार हो रहे हैं।



खुर्जा नगर निवासी रविंद्र ने बताया कि दो घंटे से ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, लेकिन प्लेटफार्म पर कई जगह पानी की टंकी बंद थी। एक जगह वाटर कूलर चालू था, जिसमें गर्म पानी आ रहा था। पेयजल संकट के साथ ही प्लेटफॉर्म पर कई जगहों पर टीन शेड भी नहीं लगे हैं। दोपहर 12 से 4 बजे तक प्लेटफॉर्म पर खड़े होना मुश्किल हो जाता है। बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चों को धूप में ही इंतजार करना पड़ता है। निर्माणाधीन नए भवन की छाया भी यात्रियों के काम नहीं आ रही क्योंकि वह स्थान बंद है। रेलवे नियमों के अनुसार हर प्लेटफॉर्म पर प्रति 100 यात्रियों पर एक वॉटर कूलर और पर्याप्त छाया की व्यवस्था अनिवार्य है। खुर्जा जंक्शन पर यह मानक पूरी तरह फेल है।

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प्रतिक्रिया :

1. स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर तीन व चार पर सबसे ज्यादा पैसेंजर ट्रेन ठहरती हैं। जहां पर 600 मीटर लंबे प्लेटफार्म पर केवल 30 मीटर स्थान पर टीन शेड लगा है। जहां पर लगे पंखे भी खराब हो रहे हैं। गर्मी से बचने के लिए प्लेटफार्म पर लगे पेड़ों के नीचे छांव में जमीन पर बैठना पड़ता है। - अजय शर्मा, दैनिक यात्री





2. गर्मी में लोगों को पानी की जरूरत होती है, लेकिन स्टेशन पर कहीं भी ठंडे पानी की सुविधा नहीं है। ऐसे में यात्रियों को बाहर से महंगे दाम में बिकने वाली पानी की बोतल खरीदनी पड़ती हैं। गर्मी और जरूरत होने के कारण दुकानदार भी महंगी बोतल देते हैं। कई बार स्टेशन पर मौजूद कर्मचारी से पानी के लिए बोला गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। - राकेश निवासी दिल्ली


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कोट :-

स्टेशन पर पुराने टीनशेड हटाकर नया कार्य होगा। स्टेशन निर्माण कार्य के बाद प्लेटफार्म पर कार्य कराया जाएगा। इसके लिए प्रयागराज मंडल से अनुमति मिल गई है। जल्द यह कार्य शुरू कराया जाएगा। खराब वाटर कूलर के लिए निजी कंपनी को पत्र लिखा गया है, जिसके बाद वह ठीक कराए जाएंगे। - घनश्याम मीना, स्टेशन अधीक्षक

खुर्जा जंक्शन की खबर में फोटो - राकेश । संवाद

खुर्जा जंक्शन की खबर में फोटो - राकेश । संवाद

खुर्जा जंक्शन की खबर में फोटो - राकेश । संवाद

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