नोटबंदी के बाद कैश के संकट से जूझ रहे बैंकों को मिले 65 करोड़ दो दिन में ही खत्म हो गए। शनिवार को दोपहर बाद बैंकों पर लाइनों में लगे लोगों का गुस्सा फूटने लगा। शहर की बैंक शाखाओं में लेनदेन की दिक्कत थोड़ी कम भले ही हो गई हो, मगर गांव देहात की बैंक शाखाओं में हालात बिगड़ने लगे।
ऐसे में पुलिस ने मोर्चा संभाला और जैसे-तैसे लोगों को शांत किया। वहीं दूसरी ओर एटीएम मशीनें भी लोगों को राहत पहुंचाने में नाकाम रहीं।जनपद में महज 25 प्रतिशत एटीएम मशीन काम कर रही हैं। बाकी मशीनें खराब है या उनमें करेंसी का टोटा है।
जनपद में 256 बैंक शाखाए हैं। इनमें से 40 प्रतिशत शाखाए कस्बों और गांवों में व्यापार कर रही हैं। शुक्रवार को जिले में 60 करोड़ रुपये आरबीआई ने भेजे थे, जो शनिवार तक बंट गए। 60 करोड़ में से अधिकतम 20-22 प्रतिशत एकाउंट ग्रामीण शाखाओं को दिया गया।
40 प्रतिशत शाखाओं को 20 प्रतिशत फंडिंग होने से दिक्कत हुई। खुर्जा, सिकंदराबाद, डिबाई, दानपुर, बीबीनगर, सदर देहात, शिकारपुर, अनूपशहर, अहमदगढ़, स्याना, ऊंचागांव, अरनिया और पहासू के ग्रामीण इलाकों की बैंक शाखाओ में कैश को लेकर ग्रामीण उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगी रही।
डीएम रोड की पीएनबी शाखा, सिविल लाइन रोड की पीएनबी शाखा, मोबीबाग की एसबीआई शाखा और यमुनापुरम की पीएनबी शाखा पर उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगी रही। सिविल लाइन स्थित बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी की शाखा पर ग्राहकों का जमघट लगा रहा।
सिकंदराबाद में शनिवार को भी बैंकों के सामने भारी भीड़ दिखाई दी। जिनमें सर्विसमेन अपनी सेलरी निकालने और पेंशन लेने वाले ही ज्यादातर थे। जिनके घर में शादी है उनका भी बुरा हाल बना हुआ है। लोग बैंकों के सामने घंटों कतार में लगे रहे।
रुपये नहीं मिलने पर हंगामा
नगर स्थित एकमात्र पीएनबी शाखा पर शनिवार सुबह से ही लाइन में लगे लोग दोपहर बाद चार बजे कैश खत्म होने पर भड़क उठे। हंगामा हुआ तो बैंक प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत किया। लोगों ने इस दौरान बैंक कर्मियाें पर मनमानी का आरोप भी लगाया।
महिला नूरो कुरैशी, संतोष, चमेला, रूकसाना, नन्हीं, कांता लोधी, शंकुतला, हरदेई, शकील, आनंद सिहं, मोमराज सिंह, नानक सिंह, हितेश प्रताप, डालचंद सैनी, नासिर, सिराज, जगदीश, जगत सिंह, बिजेंद्र सिंह आदि ने आरोप लगाया कि बैंक के बाहर वह सुबह से लाइन में खड़े हैं। दोपहर बाद पैसा नहीं होने की बात कही गई।
लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बैंक अधिकारी और कर्मचारी अपने चहेते लोगों को रुपये दे देते हैं जबकि किसानों और जरूरतमंदों को रुपया नहीं मिल रहा। क्षेत्रीय किसान संगठन के अध्यक्ष चौ राजकरन सिंह ने बैंक में हो रहे लोगों के उत्पीड़न के संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायती पत्र भेज कर कार्रवाई करने की मांग की है।
ताकि किसानों और जरूरतमंदों खासकर शादी वाले परिवारों को रुपया समय पर मिल सके। जहांगीरपुर स्थित पीएनबी की शाखा में कैश न मिलने से गुस्साए लोगों ने शनिवार को हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर लोगों को शांत किया।
लोगों का कहना है कि लोग पिछले तीन दिन सुबह से लाइन में लगने के बाद भी उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर गांव ढक्का निवासी नत्थी ने बताया कि उसकी पुत्री प्रेमवती की 13 दिसंबर को शादी है। वह डीएम से भी लिखवा लाया। मगर, प्रबंधक बहाना बनाकर दस दिन से टाल रहा है।