विकास के मामले में गांव भी वार्ड-16 से आगे निकल गए हैं। वार्ड-16 में पांच साल में न सड़कें बनी और न ही साफ सफाई का इंतजाम हुआ। सड़क पर भरा पानी आम आदमी के लिए मुसीबत बन रहा है। आलम यह है कि वार्ड की कालोनियों में पांच साल के भीतर महज 40 लाख रुपये के कार्य कराए गए।
ऐसे में आप खुद समझ सकते हैं कि वार्ड में सरकारी बदइंतजामी का आलम क्या होगा। नगर पालिका के वार्ड-16 में मोहल्ला देवीपुरा, भवन, हरीशचंद नगर, अल्लागढ़ी आदि कालोनियां आती हैं। वार्ड में सड़कों का हाल खराब है। जगह जगह गोबर का ढेर वार्ड की तस्वीर को बदनुमा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। जलभराव बड़ी समस्या है।
कचरा जगह जगह पड़ा रहता हैं। पालिका के कर्मचारी कभी कभी दर्शन देते हैं। ट्रांसफार्मर खुले में पड़े हैं। शिकायत के बाद भी सुध नहीं ली जाती। सरकारी हैंडपंप खराब हैं। नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। बिजली की लाइनें जर्जर हैं। पथ प्रकाश जहां तहां है। कुल मिलाकर पांच साल में वार्ड की तस्वीर तो आंशिक रूप से बदली लेकिन सभासद लोगों की कसौटी पर फेल हैं।