बुलंदशहर। हादसे का खौफनाक मंजर बाल-बाल बचे मजदूरों की आंखों में साफ झलक रहा था। उनका कहना था कि सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि कुछ सोचने-समझने का भी मौका नहीं मिका। मात्र दस सेकंड में स्ट्रक्चर नीचे आ गया। ऐसा लगा जैसे बादल फट गया हो।
बचाए गए मजदूर आकाश ने बताया कि रात करीब 11 बजे मात्र दस सेकंड में ही स्ट्रक्चर धंसकर नीचे आ गया। उस समय करीब 30 मजदूर कोल्ड स्टोर में काम कर रहे थे। प्रवेश द्वार पर विलायती गाजर की बोरियों से लदी ट्रॉली खड़ी हुई थी। अधिकतर मजदूर बाहर ही थे। बेसमेंट में महेश, हरिचंद और गौरव थे। वह एक बोरी अपने कंधे पर लादकर जैसे ही अंदर पहुंचा, उसी समय एक मजदूर ने शोर मचाया कि कोल्ड स्टोर गिर रहा है। इसके बाद सभी लोग बाहर की ओर भागने लगे। महेश, हरिचंद और गौरव काफी अंदर थे, इसलिए वह नहीं निकल पाए। आकाश ने बताया कि वह लगभग बाहर आ गया था लेकिन कुछ मलबा उसके ऊपर गिरने से वह घायल हो गया।
मुझे बचा लो... दम घुट रहा है
हादसे में गौरव मलबे में दब गया। कुछ देर बाद पुलिस व स्थानीय मजदूर अंदर पहुंचे तो गौरव के चीखने की आवाज आ रही थी। वह कहीं नजर नहीं आ रहा था। वह खुद को बचाने के लिए चीख पुकार मचाता रहा। रविवार देर शाम उसे निकाला जा सका।