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Bulandshahar News: बीमा कंपनी को देना होगा इलाज में खर्च की रकम

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बुलंदशहर। परिवार के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लेने के बाद भी बेटे के इलाज के लिए खर्च राशि न देने पर उपभोक्ता आयोजन ने बीमा कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया है। साथ ही बीमा कंपनी को आदेश दिए हैं कि 45 दिन के अंदर इलाज में खर्च राशि को सात फीसदी ब्याज के साथ लौटाया जाए।
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जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह के पीए शेखर वर्मा ने बताया कि नगर के अंसारी रोड निवासी व्यापारी विपुल मित्तल ने अपने परिवार के लिए अपोलो म्यूनिच हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से स्वास्थ्य बीमा कराया था। स्वास्थ्य बीमा लेने के बाद उनके बेटे प्रगुण मित्तल को घुटने में परेशानी हुई। इसके चलते बेटे को अपोलो हॉस्पिटल दिल्ली में भर्ती किया गया था। जहां पर उपचार में कुल 216796 रुपये का खर्च आया। जब कैशलेस स्वास्थ्य बीमा से उपचार कराने की बात कही तो कंपनी की ओर से इसे अस्वीकार कर दिया और कहा कि बेटे को जन्म से यह बीमारी है, इसके चलते योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता है। जबकि बच्चे को हुई बीमारी स्वास्थ्य बीमा लेने के बाद हुई थी। बीमा कंपनी की ओर से योजना का लाभ न देने पर पीड़ित ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया था। इस पर उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह, महिला सदस्य नीलम कुमारी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुनाया कि बच्चे की बीमारी स्वास्थ्य बीमा कराने के बाद हुई थी। ऐसे में बीमा कंपनी को योजना का लाभ देना होगा। इसके लिए 45 दिनों के अंदर कंपनी को इलाज में खर्च हुई 216796 रुपये की धनराशि सात फीसदी ब्याज के हिसाब से ग्राहक को देनी होगी। समयावधि में धनराशि का भुगतान न करने पर आठ फीसदी ब्याज बकाया पर देना होगा।
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